Students can access the CBSE Sample Papers for Class 10 Hindi with Solutions and marking scheme Set 1 will help students in understanding the difficulty level of the exam.
CBSE Sample Papers for Class 10 Hindi Course B Set 1 with Solutions
समय : 3 घंटे
पूर्णांक : 80
सामान्य निर्देश
निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए
- इस प्रश्न-पत्र में कुल चार खंड हैं-क, ख, ग, घ।
- इस प्रश्न-पत्र में कुल 16 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रश्न-पत्र में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
- प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।
खंड ‘क’ (अपठित बोध) (14)
प्रश्न 1.
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।(7)
कार्य करने की क्षमता को योग्यता कहते हैं। यह सभी जीवों में किसी-न-किसी रूप में अवश्य विद्यमान रहती है। यही व्यक्ति की कार्यक्षमता का प्रमाण होती है। विविध शैक्षिक संसाधनों के माध्यम से इसे अर्जित और विस्तारित किया जा सकता है। सामाजिक उत्थान और देश की प्रगति के लिए योग्य एवं ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता होती है। इस हेतु उत्कृष्ट शैक्षिक योजना का क्रियान्वयन आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति में गुणवत्ता का आद्यान कर योग्यता का निर्धारण करती है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि उसे मजबूत आधार प्रदान करती है। बच्चे में इसके प्रकटीकरण का आभास सर्वप्रथम माता-पिता को होता है। वही उसकी योग्यता को परखकर तद्नुरूप उत्तरदायित्व सौंपने के लिए उत्तरदायी होते हैं। इससे कार्य के प्रति निष्ठा जागृत होती है और कार्य सिद्धि अवश्यंभावी हो जाती है अन्यथा असफल होने पर जीवन में अवसाद का प्रवेश होता है, जिससे होने वाली सामाजिक एवं राष्ट्रीय क्षति का अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता।
महाराज दशरथ और रानी कैकेयी इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
योग्यता की परख न होने से जहाँ महाराज दशरथ राम को अवध का राज्य देने का मोह सँवरण नहीं कर पाते। वहीं कैकेयी राम एवं भरत दोनों की योग्यताओं को पहचानती हैं। उन्हें सम्यक ज्ञान था कि भरत में भी अयोध्या का राज्य सँभालने की योग्यता है, किंतु राम अधर्मी राक्षसों का संहार कर संपूर्ण जगत का मंगल कर सकते हैं। इसीलिए दुनिया में होने वाली अपकीर्ति की परवाह न करके भी भरत के लिए अवध का राज्य तथा राम के लिए वनवास की याचना की। अतः संतान को जन्म देना ही माता-पिता का कर्त्तव्य नहीं है, बल्कि योग्य नागरिक बनाकर योग्यतानुसार राष्ट्र-निर्माण में नियोजित करना उससे बड़ा दायित्व है।
(दैनिक जागरण)
(क) व्यक्ति की कार्यक्षमता का प्रमाण होता है (1)
(i) शक्ति
(ii) योग्यता
(iii) शिक्षा
(iv) कौशल
उत्तर:
(ii) योग्यता गद्यांश के अनुसार, योग्यता ही व्यक्ति की कार्यक्षमता का प्रमाण होती है। यह हर जीव में किसी-न-किसी रूप में विद्यमान होती है और शिक्षा व संसाधनों के माध्यम से इसे बढ़ाया जा सकता है।
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(ख) उत्कृष्ट शैक्षिक योजना की आवश्यकता क्यों होती है? (1)
(i) संसाधन के विकास हेतु
(ii) शिक्षा के प्रसार हेतु
(iii) व्यक्तित्व निर्माण हेतु
(iv) योग्यता निर्धारण हेतु
उत्तर:
(iv) योग्यता निर्धारण हेतु गद्यांश में बताया गया है कि उत्कृष्ट शैक्षिक योजना व्यक्ति में गुणवत्ता विकसित कर उसकी योग्यता का निर्धारण करती है। इससे समाज और राष्ट्र के लिए सक्षम नागरिक तैयार होते हैं।
(ग) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए
कथन कैकेयी महाराज दशरथ से अधिक बुद्धिमान थी।
कारण वह राम और भरत की योग्यताओं को अच्छी तरह जानती थी।
कूट
(i) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
(ii) कथन और कारण दोनों सही हैं।
(iii) कथन गुलत है, लेकिन कारण सही है।
(iv) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
उत्तर:
(ii) कथन और कारण दोनों सही हैं। गद्यांश के अनुसार, कैकेयी महाराज दशरथ से अधिक बुद्धिमान थी। कैकेयी राम और भरत दोनों की योग्यता को पहच्चानती थीं और इसी कारण उन्होंने अपकीर्ति की परवाह न करते हुए राम को वनवास भेजने और भरत को राज्य दिलवाने का साहसिक निर्णय लिया।
(घ) देश की प्रगति के लिए योग्य एवं ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता क्यों होती है? (2)
उत्तर:
गद्यांश के अनुसार, देश की प्रगति तभी संभव है, जब उसमें योग्य और ईंमानदार नागरिक हों। ऐसे नागरिक अपने कर्त्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं, समाज में नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हैं और राष्ट्रू निर्माण में सक्रिय योगदान देते हैं। उनके प्रयासों से ही सामाजिक विकास और राष्ट्रीय उत्थान संभव होता है।
(ङ) महाराज दशरथ और रानी कैंकेयी के उदाहरण से आप क्रया समझते हैं? (2)
उत्तर:
महाराज दशरथ और रानी कैकेयी का उदाहरण यह सिखाता है कि संतान के जीवन में केवल प्रेम ही नहीं, उसकी योग्यता की सही पहचान और उचित दिशा-निर्देशन भी आवश्यक होता है। दशरथ राम से अत्यघिक स्नेह के कारण उन्हें (राम) राज्य सौंपना चाहते थे, जबकि कैकेयी ने भावनाओं से ऊपर उठकर दोनों पुत्रों की योग्यताओं को समझा। उन्होंने भरत को राज्य संचालन और राम को राक्षसों के विनाश जैसे बड़े कार्य के लिए उपयुक्त माना। यह उदाहरण दर्शाता है कि विवेकपूर्ण निर्णय ही राष्ट्र और समाज के लिए हितकारी होते हैं।
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (7)
दीप प्रज्चलन आदि संस्कृतियों का अभिन्न अंग रहा है। धार्मिक अनुष्ठान किसी भी पंथ का अंग रहा है। धार्मिक अनुष्ठान किसी भी पंथ का हो, दीप प्रब्वलन के बिना आज भी संपन्न नहीं माना जाता। दीपावली और गुरुनानक जयंती हमारे दो प्रमुख दीप पर्व हैं। जगमगाते आवासीय और कार्य परिसर जनमानस के हर्षोल्लास की अभिव्यक्ति देते हैं, उनमें आशा एवं उत्साह का संचार करते हैं।
आवासीय, शैक्षिक, औद्योगिक भवन यहाँ तक कि नाभिकीय संयंत्र का शिलान्यास या किसी भी कोटि की संगोष्ठी का उद्घाटन हम अनिवार्थत: दीया जलाकर करते हैं। प्रज्चलित दीप से परिवेश की नकारात्मकता निराकृत होती है, वातावरण शुद्ध होता है, दैविक शक्तियों का आगमन आसान होता है। अधिसंख्य व्यक्ति क्लेश, विवाद और भ्रांतियों से इसलिए प्रस्त हैं, चूँकि उन्हें जीवन के परम उद्देश्य और इसकी अधिप्राप्ति के आबश्यक साधनों और विधियों का ज्ञान नहीं है। उद्देश्य की स्पष्टता से सुसंगत सोच और उसी अनुरूप संगत निर्मित करेंगे. तो अभीष्ट की प्राप्ति आवश्यक होगी।
प्रकाश ज्ञान और देवत्व का प्रतीक है। अंधकार कितना भी हो, एक जलते दीये से लुप्त हो जाता है। अंधकार रुपी अन्ञान को मिटाने में दीपक की भूमिका निर्विवाद है। यह दीपक उस सद्बुद्धि और विवेक का है, जो एक ओर व्यक्ति की प्रभु से निकटता स्थापित करता है और दूसरों को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आवरण घोखा दे सकता है। वाह्य चमक-दमक और लीपापोती की आतुरता में अंत:करण की उपेक्षा हो सकती है। अपने मूल दैनिक रूप की पहचान निखारते रहे, तो जीवन सार्थक हो जाएगा। (दैनिक जागरण)
(क) अंधकार को किसके समान बताया गया है? (1)
(i) मूर्खाता
(ii) अज्ञान
(iii) क्लेज्ञ
(iv) निराशा
उत्तर:
(ii) अज्ञान गद्यांश में अंधकार को अज्ञान का प्रतीक बताया गया है। जैसे दीपक के प्रकाश से अंधकार दूर होता है, वैसे ही ज्ञान रूपी प्रकाश से अज्ञान रूपी अंधकार मिटता है।
(ख) प्रकाश को देवत्व का प्रतीक क्यों कहा गया है? (1)
(i) प्रकाश फैलाने से
(ii) सद्बुद्धि के प्रसार से
(iii) अंधकार को दूर करने से
(iv) भगबान की आरती करने से
उत्तर:
(ii) सदबुद्धि के प्रसार से गद्यांश के अनुसार, प्रकाश को देवत्व का प्रतीक इसलिए कहा गया है, क्योंकि यह व्यक्ति को सद्बुद्धि और विवेक प्रदान करता है, जिससे वह ईश्वर के निकट जाता है और दूसरों को भी सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
(ग) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए (1)
कथन किसी भी संगोष्ठी का उद्घाटन दीया जलाकर होता है।
कारण दीप प्रजलन से वक्ता में आशा और उत्साह का संचार होता है।
কুट
(i) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
(ii) कथन और कारण दोनों सही हैं।
(iii) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
(iv) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
उत्तर:
(ii) कथन और कारण दोनों सही हैं। गद्यांश के अनुसार, किसी भी सभा या संगोष्ठी की शुरुआत दीप प्रज्वलन से होती है, क्योंकि यह शुभता, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह परंपरा जनमानस में ऊर्जा और आशा का संचार करती है।
(घ) जीवन की सार्थकता से आप क्या समझते है? (2)
उत्तर:
जीवन की सार्थकता का अर्थ है-अपने जीवन के परम उद्देश्य को पहचानकर उस दिशा में सही साधनों और सत्कर्मों के साथ आगे बढ़ना। जब व्यक्ति अपने भीतर की अच्छाइयों को पहचानकर सद्बुद्धि और विवेक के साथ कार्य करता है, तभी उसका जीवन सफल और समाज के लिए उपयोगी बनता है। यही जीवन की सच्ची सार्थकता है।
(ङ) दीपक की भूमिका को स्पष्ट कीजिए। (2)
उत्तर:
दीपक अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाता है, जो ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि का प्रतीक है। यह केवल रोशनी नहीं देता, बल्कि हमारे भीतर की नकारात्मकता को भी दूर करता है। दीपक व्यक्ति को प्रभु के निकट ले जाता है और दूसरों को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस प्रकार, दीपक का कार्य केवल बाहरी वातावरण को नहीं, बल्कि आंतरिक जीवन को भी प्रकाशित करना है।
खंड ‘ख’ (व्यावहारिक व्याकरण) (16)
प्रश्न 3.
‘पदबंध’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (4×1=4)
(क) ‘सर्वनाम पदबंध’ का प्रयोग करते हुए एक वाक्य बनाइए।
उत्तर:
‘जिसने भी यह कार्य किया है, वह बहुत बुद्धिमान है।’ में ‘जिसने भी यह कार्य किया है’ सर्वनाम पदबंध है।
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(ख) यह लड़का हमेशा कोई-न-कोई शरारत करता रहता है। रेखांकित का पदबंध बताइए।
उत्तर:
रेखांकित पदबंध ‘शरारत करता रहता है।’ में क्रिया पदबंध है।
(ग) क्रिया-विशेषण पदबंध का एक उदाहरण देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
‘बहुत तेजी से’ यह एक क्रिया-विशेषण पदबंध है।
वाक्य प्रयोग वह बहुत तेजी से सीढ़ियाँ चढ़ गया।
(घ) ‘तलवार की सीध में धरती फटती ही जा रही थी।’ वाक्य में रेखांकित पदबंध की पहचान कीजिए।
उत्तर:
वाक्य में रेखांकित पदबंध में संज्ञा पदबंध है।
(ङ) ‘पास में एक सुंदर और शक्तिशाली युवक रहा करता था।’ पंक्ति में प्रयुक्त विशेषण पदबंध को चुनकर लिखिए।
उत्तर:
‘सुंदर और शक्तिशाली’ विशेषण पदबंध है।
प्रश्न 4.
‘रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (4×1=4)
(क) ‘मेरे भाई साहब मुझसे पाँच साल बड़े थे, लेकिन केवल तीन दरजे आगे।’ वाक्य का भेद लिखिए।
उत्तर:
संयुक्त वाक्य
(ख) ‘फिर सालाना इम्तिहान हुआ और कुछ ऐसा संयोग हुआ कि मैं फिर पास हुआ।’ वाक्य भेद लिखिए।
उत्तर:
संयुक्त वाक्य
(ग) ‘जब अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा, तब पुलिस ने उनको पकड़ लिया।’ संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए।
उत्तर:
अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
(घ) ‘जो बात उनकी ज़िंदगी में थी, वही उनके गीतों में थी।’ यह मिश्र वाक्य कैसे है?
उत्तर:
प्रस्तुत वाक्य में एक मुख्य वाक्य और एक आधीन उपवाक्य है. जो संबंधबोधक अव्यय ‘जो-वही’ के माध्यम से जुड़ा है, जिसमें एक वाक्य दूसरे पर आश्रित है। इस कारण यह मिश्र वाक्य है।
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(ङ) सरल वाक्य का एक उदाहरण लिखकर उसे स्पष्ट भी कीजिए।
उत्तर:
‘तँतारा को देखते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी।’ यह सरल वाक्य है, क्योंकि इसमें एक ही उद्देश्य ‘तँतारा’ और एक ही विधेय ‘को देखते ही वह फूट-फूटकर रांने लगी।’ है।
प्रश्न 5.
‘समास’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (4×1=4)
(क) ‘राम भी तुम, तुम ही लक्ष्मण साथियों’ पंक्ति में प्रयुक्त राम, लक्ष्मण से सामासिक पद बनाकर भेद लिखिए।
उत्तर:
राम, लक्ष्मण से सामासिक पद ‘राम-लक्ष्मण’ बनेगा। इसमें द्वंद्व समास होगा, जिसका सामासिक विग्रह राम और लक्ष्मण है।
(ख) ‘करुणाकर’ सामासिक पद में प्रयुक्त पूर्वपद और उत्तरपद अलग कर समास का नाम लिखिए।
उत्तर:
‘करुणाकर’ सामासिक पद में पूर्वपद ‘करुणा’ और उत्तरपद ‘कर’ (अर्थात् करने वाला) है, जिसका अर्थ है-जो करुणा करता है। यहाँ कर्मधारय समास है। इसमें उत्तरपद ‘कर’ (करने वाला), पूर्वपद ‘करुणा’ की विशेषता को स्पष्ट करता है, इसलिए यह कर्मधारय समास है।
(ग) ‘अनाथ’ का सामासिक विग्रह कर समास का नाम लिखिए।
उत्तर:
‘अनाथ’ का सामासिक विग्रह ‘नाथ से रहित’ या ‘जिसका कोई नाथ न हो’ है तथा इसमें तत्पुरुष समास है।
(घ) कर्मधारय समास के किसी एक उदाहरण का वाक्य प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
नीलकमल (नीला है जो कमल)-कर्मधारय समास वाक्य प्रयोग तालाब में एक सुंदर नीलकमल खिला हुआ था।
(ङ) ‘त्रिभुज’ का सामासिक विग्रह कर समास का नाम लिखिए।
उत्तर:
‘त्रिभुज’ का सामासिक विग्रह ‘तीन भुजाओं का समाहार’ है और इसमें द्विगु समास है।
प्रश्न 6.
‘मुहावरे’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (4×1=4)
(क) भाई साहब का रूद्र रूप देखकर …………. जाते। (मुहावरे द्वारा रिक्त स्थान को भरिए)
उत्तर:
भाई साहब का रूद्र रूप देखकर प्राण सूख जाते। प्राण सूख जाना, मुहावरे का अर्थ-डर या घबराहट के कारण बहुत अधिक भयभीत हो जाना है।
(ख) ‘हक्का-बक्का रह जाना’ मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
हक्का-बक्का रह जाना परीक्षा के कठिन प्रश्नों को देखकर छात्र हक्का-बक्का रह गया।
(ग) ‘आँखों में धूल झोंकना’ तथा ‘आँखों में बसाना’ मुहावरे में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
‘आँखों में धूल झोंकना’ मुहावरे का अर्थ धोखा देना या छल करना होता है, जबकि ‘आँखों में बसाना’ मुहावरे का अर्थ बहुत अधिक प्रेम करना या प्रिय लगना होता है।
(घ) फिल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने का गणित जानने वाले की समझ से परे थी। पंक्ति से मुहावरा चुनकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
दो से चार बनाने का गणित धन को जल्दी-जल्दी बढ़ाने की कला। वाक्य प्रयोग व्यापारी हर सौदे में दो से चार बनाने का गणित अच्छी तरह जानता है।
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(ङ) गायन इतना प्रभावी था कि वह अपनी …………. लगा। उचित मुहावरे द्वारा रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
उत्तर:
गायन इतना प्रभावी था कि वह अपनी सुध-बुध खोने लगा।
‘सुध-बुध खोना’ मुहावरे का अर्थ होश-हवास खो देना या बेसुध हो जाना है।
खंड ‘ग’ (पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक) (8)
प्रश्न 7.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए। (5×1=5)
बाइबिल और दूसरे पावन प्रंथों में ‘नूह’ नाम के एक पैंगंबर का ज़िक्र मिलता है। उनका असली नाम लशकर था, लेकिन अरब ने उनको नूह के लकब से याद किया है। वह इसलिए कि आप सारी उम्र रोते रहे। इसका कारण एक ज़खी कुत्ता था। नूह के सामने से एक बार एक घायल कुत्ता गुज़रा। नूह ने उसे दुत्कारते हुए कहा, ‘दूर हो जा गंदे कुते।’ इस्लाम में कुत्तों को गंदा समझा जाता है। कुत्ते ने उनकी दुत्कार सुनकर जवाब दिया…… न मैं अपनी मर्जी से कुत्ता हूँ, न तुम अपनी पसंद से इंसान हो। बनाने वाला सबका तो वही एक है।
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(क) ‘बाइबिल’ को किस प्रकार का ग्रंथ माना जाता है?
(i) पावन
(ii) धार्मिक
(iii) नीति
(iv) न्याय
उत्तर:
(i) पावन बाइबिल एक पावन ग्रंथ है, जिसे ईसाई धर्म के अनुयायी परम सत्य और ईश्वर के संदेश के रूप में मानते हैं। इसी कारण इसे पावन ग्रंथ कहा गया है।
(ख) ‘अरब ने उनको नूह के लकब से याद किया है।’ पंक्ति में ‘लकब’ का क्या अर्थ है?
(i) नाम
(ii) पदवी
(iii) पैगंबर
(iv) ग्रंथ
उत्तर:
(ii) पदवी ‘लकब’ का अर्थ है-किसी व्यक्ति को दी गई उपाधि या पदवी। यहाँ ‘नूह’ एक भावनात्मक विशेषता के कारण दी गई पहचान है, जो ‘पदवी’ के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है।
(ग) पैगंबर से आप क्या समझते हैं?
(i) धर्मगुर
(ii) धर्मसेबी
(iii) धार्मिक
(iv) धर्मप्रवर्तक
उत्तर:
(iv) धर्मप्रवर्तक पैगंबर वह पूजनीय व्यक्ति होता है, जो ईश्वर का संदेश सुनाने वाला माना जाता है तथा किसी नए धर्म, संप्रदाय का प्रवर्तक होता है। इसलिए पैगंबर का सही अर्थ है-धर्मप्रवर्तक।
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(घ) लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
(i) पश्चाताप करने के कारण
(ii) गलती का अहसास करने के कारण
(iii) अफसोस में रोते रहने के कारण
(iv) कुत्ते से नफरत करने के कारण
उत्तर:
(iii) अफसोस में रोते रहने के कारण लशकर को अफसोस में रोते रहने के कारण ‘नूह’ (जिसका अर्थ होता है-रोने बाला) के नाम से याद करते हैं।
(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए। कथन न मैं अपनी मर्जी से कुत्ता हूँ, न तुम अपनी पसंद से इंसान हो। कारण सबको बनाने वाला एकमात्र ईश्वर है।
कूट
(i) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
(ii) कथन तथा कारण दोनों सही हैं।
(iii) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
(iv) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
उत्तर:
(ii) कथन तथा कारण दोनों सही हैं। गद्यांश के अनुसार, किसी जीव का रंग-रूप उसकी मर्जी से नहीं होता, क्योंकि सभी जीवों का सुजनकर्ता एक ही ईश्वर है।
प्रश्न 8.
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए।( 3×2=6)
(क) बड़े भाई साहब के व्यक्तित्व की विशेषताओं के बारे में लिखिए।
उत्तर:
बड़े भाई साहब अध्ययनशील, परिश्रमी एवं धुन के पक्के हैं, परंतु पढ़ाई उनकी समझ से बाहर थी, फिर भी वह परिश्रम करते रहते थे। वे छोटों के मार्गदर्शक भी हैं, वे अपने छोटे भाई को तरह-तरह से समझाते थे। वे उपदेश देने की कला में भी विशेषज्ञ थे। वे अपने छोटे भाई को उपदेश देते समय अनेक प्रकार के उदाहरण देते थे। वे अनुशासनप्रिय एवं सिद्धांतों में विश्वास करने वाले थे।
(ख) 26 जनवरी, 1931 के दिन को अपूर्व दिन क्यों कहा गया है? ‘डायरी का एक पन्ना’ पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
26 जनवरी, 1931 के दिन को अपूर्व दिन इसलिए कहा गया है, क्योंकि इस दिन कलकत्तावासियों ने स्वतंत्रता पाने के लिए आंदोलन किया, जिसमें बहुत-से लोग पुलिस की लाठी खाकर घायल हुए, बहुत से लोगों को पुलिस की जेल में रखा गया। उस दिन लोग लाठियाँ खाकर धरती पर गिरते रहे, किंतु अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से बढ़ते भी रहे। इससे कलकत्ता के नाम पर लगा वह कलंक कुछ हद तक कम हो गया, जिसमें यह कहा जा रहा था कि कलकत्तावासी स्वतंत्रता पाने के लिए कुछ भी कार्य नहीं कर रहे हैं।
(ग) तताँरा से निकोबारियों के प्रेम करने के कारणों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
निकोबार के लोग तताँरा को इसलिए पसंद करते थे, क्योकि वह सुंदर, शक्तिशाली, नेक, साहसी और परोपकारी था। वह सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता था। वह अपने गाँववालों को ही नहीं, बल्कि सभी द्वीपवासियों की सेवा करना अपना परम कर्तव्य समझता था।
(घ) शैलेंद्र कवि नहीं गीतकार थे, कैसे?
उत्तर:
शैलेंद्र कवि नहीं, बल्कि एक महान गीतकार थे, क्योंकि उनके गीतों में जटिलता नहीं, बल्कि भावनात्मक सादगी और गहराई होती थी। वे आम जनता की भाषा में मन की बात कह देते थे। उनके गीत संवेदनशील, सरल और हुदयस्पर्शी होते थे, जो श्रोताओं के दिलों में सीधा असर करते थे।
प्रश्न 9.
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए। (5×1=5)
पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश,
मेखलाकार पर्वत अपार
अवलोक रहा है बार-बार
जिसके चरणों में पला ताल
पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश।
अपने सहस्र दृग-सुमन फाड़,
नीचे जल में निज महाकार,
दर्पण-सा फैला है विशाल।
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(क) काव्यांश में किस ऋतु की बात की गई है?
(i) वर्षा
(ii) त्रीष्म
(iii) शरद
(iv) मीत
उत्तर:
(i) वर्षा प्रस्तुत काव्यांश में वर्षा ऋतु की बात की गई है। काव्यांश के अनुसार, वर्षा ऋतु में पर्वतीय क्षेत्र की प्रकृति पल-पल बदलती है, जिससे उसका सौदर्य और भव्यता उभरकर आती है।
(ख) तालाब की तुलना दर्पण से क्यों की गई है?
(i) विशाल होने से
(ii) बड़ा होने से
(iii) साफ़ और स्थिर होने से
(iv) पारदर्शी होने से
उत्तर:
(iv) पारदर्शी होने से काव्यांश के अनुसार, तालाब का जल इतना स्वच्छ और पारदर्शी था कि उसमें पर्वत की छबि स्पष्ट दिखाई दे रही थी, ठीक दर्पण की तरह।
(ग) प्रकृति के स्वरूप में पल-पल परिवर्तन क्यों हो रहा है?
(i) बादल के कारण
(ii) वर्षा के कारण
(iii) धूप के कारण
(iv) वर्षा ॠतु के कारण
उत्तर:
(iv) वर्षा ऋतु के कारण काव्यांश के अनुसार, वर्षा ऋतु में प्रकृति अपना रूप निरंतर बदलती रहती है। कभी बादल छा जाते हैं, कभी वर्षा होने लगती है, तो कभी सूर्य निकल आता है। इन सब कारणों से पर्वतीय क्षेत्र में पल-पल प्रकृति का स्वरूप परिवर्तित होता रहता है।
(घ) पर्वत बार-बार अपने को क्यों देख रहा है?
(i) सुंदर होने से
(ii) फूल खिलने से
(iii) अविश्वास के कारण
(iv) उत्साहित होने से
उत्तर:
(i) सुंदर होने से काव्यांश के अनुसार, पर्वत पर सहम्रों फूल खिले हुए थे, वर्षा ऋतु में उसका रूप अत्यंत भव्य और सुंदर हो गया था। जब वह अपना प्रतिबिंब नीचे तालाब में दर्पण की तरह साफ देखता है, तो वह अपने सौदिर्य पर मुग्ध हो जाता है।
(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हूए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए। कथन पर्वत अपने रूप पर मुग्ध हो रहा है।
कारण नीचे जमे जल में स्वरूप दिखाई दे रहा है।
कूट
(i) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
(ii) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
(iii) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
(iv) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
उत्तर:
(iii) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है। काव्यांश के अनुसार, पर्वत अपने सौंदर्य को देखकर मुग्ध हो रहा है। नीचे फैला तालाब दर्पण की तरह स्पष्ट और शांत है, जिसमें पर्वत को अपना सुंदर रूप दिखाई दे रहा है। इसलिए पर्वत बार-बार स्वयं को देखकर मंत्रमुग्ध हो रहा है।
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प्रश्न 10.
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए। (3×2=6)
(क) मीरा कृष्ण का चाकर क्यों बनना चाहती हैं?
उत्तर:
दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी इसलिए करना चाहती हैं, क्योकि वह प्रत्येक क्षण श्रीकृष्ण के सान्निध्य में रहकर उनके दर्शन करना चाहती हैं। दर्शन हेतु वह श्रीकृष्ण के लिए बाग-बगीचे लगाना चाहती हैं, जिसमें वे सुबह-शाम विचरण कर सकें और जब वे सुबह-शाम घूमने के लिए बाग में आएँ, तो मीरा उनके दर्शन प्राप्त कर सकें। मीरा श्रीकृष्ण की चाकरी करते हुए उनका नाम स्मरण करेंगी, जिससे मीरा को नाम स्मरण के रूप में जेब-खर्च भी अर्जित हो जाएगा। इस प्रकार श्याम की चाकरी करते हुए मीरा के दर्शन, स्मरण एवं भक्ति के रूप में तीनों भावों की पूर्ति हो जाएगी। मीराबाई का लक्ष्य सांसारिक सुखों की प्राप्ति इसलिए नहीं है, क्योंकि सांसारिक सुख स्थायी नहीं होता। सांसारिक सुखों के अंतर्गत धन-दौलत, रिश्ते-नाते आदि भौतिक सुखों का समावेश होता है। ये सुख नाशवान होते हैं, जो हमें सांसारिक मोह-माया में जकड़ लेते हैं। इसके विपरीत आध्यात्मिक सुख जीवन के सत्य को उजागर करता है, जिससे आत्मा जीवन-मरण के बंधन से मुक्ति पाकर मोक्ष प्राप्त करती है।
(ख) कंपनी बाग में रखी तोप सैलानियों से क्या कहती है?
उत्तर:
सुबह-शाम कंपनी बाग में बहुत सारे सैलानी घूमने आते हैं। उस समय कंपनी बाग में रखी गई तोप उन्हें अपना परिचय देते हुए बताती है कि अतीत में वह बहुत सामर्थ्यवान तथा शक्तिशाली थी। उसने बड़े-बड़े वीर सैनिकों की धज्जियाँ (चियड़े-चिथड़े) उड़ा दी थीं। इन सबका स्मरण दिलाने के लिए ही कंपनी बाग में तोप रखी गई है।
(ग) कवि कैफ़ी आज़मी ने जिंदा रहने के समय से मौत के क्षण को अधिक महत्त्वपूर्ण व्यों माना है?
उत्तर:
कवि कैफ़ी आज़मी ने जिंदा रहने के समय से अधिक मौत के क्षण को इसलिए महत्वपूर्ण माना है, क्योंकि जीने के अवसर तो बार-बार मिलते हैं, परंतु देश के लिए मरने का अवसर केबल कुछ सौभाग्यशाली लोगों को ही प्राप्त होता है। कवि के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की शहादत देश की रक्षा और समाज के उत्यान के लिए होती है, तो उसका बलिदान सच्चे अर्थों में अमर हो जाता है। इसीलिए कवि ने देश के लिए जान देने के क्षण को सबसे महान और गौरवपूर्ण बताया है।
(घ) ‘आत्मत्राण’ कविता एक अलग भाव की कविता है, कैसे?
उत्तर:
‘आत्मत्राण’ कविता एक अलग भाव की कविता है, क्योंकि इसमें कवि ईश्वर से विपतियों से बचाने या दुःखों को दूर करने की प्रार्थना नहीं करता, बल्कि वह कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और साहस माँगता है। यह कविता व्यक्ति को आत्मनिर्भर, साहसी और आत्मबल से पूर्ण बनने का संदेश देती है। यह पारंपरिक प्रार्थनाओं से भिन्न है, क्योंकि इसमें कोई चमत्कार की अपेक्षा नहीं की गई, बल्कि स्वयं के भीतर स्थित झक्ति को जाग्रत करने की प्रेरणा है। यही विशेषता इस कविता को अन्य भक्तिपरक रचनाओं से अलग और प्रेरणादायक बनाती है।
प्रश्न 11.
पूरक पाठ्यपुस्तक ‘संचयन’ के निर्धरित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40.50 शब्दों में लिखिए। (2×3=6)
(क) ‘दोस्ती के लिए समान उम्र का होना आवश्यक नहीं होता।’ इस कथन के पक्ष में ‘हरिहर काका’ पाठ के आधार पर विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
‘हरिहर काका’ पाठ इस बात का उदाहरण है कि दोस्ती के लिए समान उम्र का होना आवश्यक नहीं होता। इस कहानी में कथावाचक (लेखक) एक किशोर है, जबकि हरिहर काका एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं, फिर भी उनके बीच गहरी मित्रता दिखाई देती है। हरिहर काका अपने मन की सभी बातें केबल कथावाचक से ही साझा करते थे, क्योकि वे उसे अपने बेटे के समान प्यार करते थे और उसे निष्कपट और विश्वास योग्य मानते थे। कथावाचक भी हरिहर काका के सुख-दुःख में उनका साथ देता धा। इस प्रकार, यह स्पष्ट होता है कि दोस्ती विश्वास, सच्चाई और आत्मीयता पर आधारित होती है, न कि उम्र या पीढ़ी पर। यह पाठ सच्ची मित्रता के मानवीय मूल्यों को दर्शाता है, जो किसी भी आयु में किसी के साथ भी विकसित हो सकती है।
(ख) ‘बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावक उदासीन थे।’ ‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर कथन की समीक्षा कीजिए।
उत्तर:
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर अधिकाश अभिभावक उदासीन ये। लेखक बताता है कि उसके साथ खेलने वाले अधिकतर साथी स्कूल नहीं जाते थे। जो कभी स्कूल गए भी, उन्होंने बस्ता तालाब में फेंक दिया और फिर पढ़ाई की ओर नहीं लौटे। उनके मात्ता-पिता ने उन्हें ज़बरदस्ती स्कूल भेजने का प्रयास भी नहीं किया। परचून, पंडित और आढ़ती जैसे लोग यह मानते थे कि बच्चों को पढ़ाकर कोई तहसीलदार नहीं बनाना है, इसलिए उन्हें दुकानदारी सिखाना ही बेहतर है। यह सोच शिक्षा के प्रति उपेक्षा और भविष्य की समझ की कमी को दर्शाती है।
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(ग) ‘टोपी शुक्ला’ की कहानी में इफ्फन की कहानी को जानना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
‘टोपी शुक्ला’ की कहानी में इफ़्फन की कहानी जानना आवश्यक है, क्योकि वह टोपी का पहला और सच्चा मित्र था। उसकी दादी, उसका घर-परिवार, उसकी बोली और धामिंक परिवेश टोपी के जीवन में गहराई से जुड़ जाते हैं। इफ्फुन की दादी से टोपी को मातृत्व कैसा स्नेह मिलता है, जो उसे अपने घर से नहीं मिलता। इफ्फ्रन की विदाई और उसकी दादी की मृत्यु से टोपी का जीवन खालीपन और अकेलेपन से भर जाता है। इफ्फन की कहानी टोपी की मानसिक और भावनात्मक यात्रा को समझेने की कुँजी है। यह कहानी धर्म और संस्कृति की सीमाओं को तोड़ती है।
खंड ‘घ’ (रचनात्मक लेखन) (22)
प्रश्न 12.
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए।
(क) पंचायती चुनाव
- पंचायत क्या है?
- चुनाव की आवश्यकता एवं नाम
- ग्रामीण विकास में महत्त्व
उत्तर:
पंचायती चुनाव
पंचायत गाँवों में शासन की सबसे निचली इकाई होती है, जिसे ‘स्थानीय स्वशासन की इकाई’ भी कहा जाता है। यह प्रामीण जनता के हितों की रक्षा करने, उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा विकास कार्यों को संचालित करने का माध्यम है। पंचायतों के गठन के लिए समय-समय पर पंचायती चुनाव कराए जाते हैं, जिनमें ग्रामवासी अपने प्रतिनिधियों का चुनाब करते हैं। चुनाव के माध्यम से ग्रामीण जनता को यह अवसर मिलता है कि वे अपने क्षेत्र के योग्य, ईमानदार और जनसेवा के इच्छुक प्रतिनिधियों को चुन सकें।
भारत में पंचायत स्तर पर तीन स्तरीय व्यवस्था होती है – प्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्। इनमें से ग्राम पंचायत सबसे मूल इकाई होती है। पंचायती चुनाव ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये चुनाव न केवल लोकतंत्र की नींव को मजबूत करते हैं, बल्कि गाँबों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सड़क, रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्रियान्वयन में भी सहायक होते हैं। इस प्रकार, पंचायती चुनाव ग्रामीण जनता की भागीदारी और उनके सशक्तिकरण का प्रभावशाली माध्यम हैं, जो देश के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम हैं।
(ख) स्वास्थ्य और मोटा अनाज
- स्वास्थ्य का महत्त्व
- मोटा अनाज क्या है?
- स्वस्थ रखने में भूमिका
उत्तर:
स्वास्थ्य और मोटा अनाज
स्वास्थ्य मनुष्य के जीवन का सबसे मूल्यवान धन है। यदि शरीर स्वस्थ है, तो मन भी प्रसन्न रहता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वच्छता आवश्यक है। आहार में यदि पोषक तत्व न हों, तो अनेक बीमारियाँ शरीर को घेर सकती हैं। मोटा अनाज, जिसे आजकल ‘s्री अन्न’ या ‘मिलेट्स’ भी कहा जाता है, एक पौष्टिक और परपरागत खाद्य समूह है। इसमें बाजरा, ज्यार, रागी, कोदो, कुटकी, सांवा आदि शामिल हैं। ये अनाज बहुत पहले से भारतीय ग्रामीण आहार का हिस्सा रहे है, किंतु अब पुन: इनका महत्त्व बढ़ा है। मोटे अनाज में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पचने में आसान होते हैं और मधुमेह, मोटापा, हुदय रोग जैसी बीमारियों की रोकथाम में सहायक होते हैं। इस प्रकार, मोटा अनाज न केवल हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि यह एक सस्ती, प्राकृतिक और टिकाऊ खाद्य प्रणाली का भी उदाहरण है। हमें अपने दैनिक आहार में इसे अवश्य शामिल करना चाहिए।
(ग) महानगर में स्वच्छ हवा का संकट
- महानगर क्या है?
- स्वच्छ हता की आवश्यकता
- स्वास्थ्य और जीवन पर प्रभाव
उत्तर:
महानगर में स्वच्छ हवा का संकट
महानगर एक ऐसा बड़ा शहर होता है, जो किसी देश या क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र होता है। यह क्षेत्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वाणिज्य, संचार और संपर्क का प्रमुख माध्यम बनता है। जनसंख्या की अधिकता, विकास की तीव्र गति और निरंतर औद्योगीकरण के कारण महानगरों में सुविधाएँ तो बढ़ी हैं, लेकिन साथ ही पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर संकट भी गहरा गया है।
स्वच्छ हवा मनुष्य के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा और ताजगी प्रदान करती है, बल्कि फेफड़ों, हदय और मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी होती है। लेकिन महानगरों में वाहनों की अधिकता, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण कार्य और हरित क्षेत्र की कमी के कारण हवा धीर-धीरे वियैली होती जा रही है।
वायु प्रदूषण का सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। बच्चों, वृद्धों और रोगियों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है। इसके कारण साँस की बीमारी, एलर्जी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएँ सामान्य हो
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प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में एक औपचारिक पत्र लिखिए। (5×1=5)
(क) आप भरत/भारती हैं। विद्यालय में ‘भाषा क्लब’ बनाने के लिए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।
उत्तर:
परीक्षा भवन,
पटना।
दिनांक 31 जुलाई, 20 XX
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
सरस्वती विद्या मंदिर,
पटना।
विषय विद्यालय में ‘भाषा क्लब’ स्थापित करने हेतु प्रार्थना पत्र।
महोदय,
सविनय नम्र निवेदन यह है कि मैं भरत/भारती कक्षा 10 ‘ब’ का/की छात्र/छात्रा हूँ। हमारे विद्यालय में भाषा के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। यदि विद्यालय में ‘भाषा क्लब’ की स्थापना की जाए, तो विद्यार्थियों को लेखन, भाषण, कविता-पाठ और वाद-विवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भाषा कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया विद्यालय में ‘भाषा क्लब’ की स्थापना की अनुमति प्रदान करें।
सधन्यवाद।
आपका/आपकी आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या
भरत/भारती
अथवा
(ख) आप हरियाणा के रोहतक जिले के ‘सामना’ गाँव के निवासी हैं। गाँव के लोग स्वच्छता के संदर्भ में सभा करने वाले हैं। इसकी जानकारी देते हुए किसी राष्ट्रीय दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर:
गाँव सामना
जिला रोहतक
हरियाणा
दिनांक 4 फरवरी, 20 XX
सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
नई दिल्ली।
विषय गाँव में स्वच्छता के संदर्भ में होने वाली सभा की जानकारी हेतु पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के सामना गाँव का निवासी हूँ। हमारे गाँव में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष सभा का आयोजन दिनांक 7 फरवरी, 20 XX को किया जा रहा है। इस सभा में गाँव के प्रधान, स्कूली शिक्षक, युवा मंडल तथा स्वयंसेवी संगठन के सदस्य भाग लेंगे।
सभा का उद्देश्य गाँव में साफ़-सफ़ाई, कचरा प्रबंधन और खुले में शौच के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। इस महत्त्वपूर्ण सामाजिक पहल की जानकारी यदि आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में प्रकाशित हो जाए, तो अन्य गाँवों को भी प्रेरणा मिलेगी।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस समाचार को अपने समाचार-पत्र में स्थान देकर हमारे प्रयास को बल प्रदान करें। सधन्यवाद।
प्रार्थी
क.ख.ग.
प्रश्न 14.
नि नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए (4×1=4)
(क) आप अनुभव/अनुभा हैं। आप अपने स्कूल के ‘हिंदी भाषा विकास मंच’ के सचिव हैं। आपके स्कूल में अन्तर्विद्यालयी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को सूचित करने के लिए एक सूचना तैयार कीजिए।
उत्तर:
|
सरस्वती विद्या मंदिर, पटना दिनांक 2 जुलाई, 20 XX अंतर्विद्यालयी हिंदी भाषण प्रतियोगिता सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि विद्यालय में 7 जुलाई, 20 XX को अंतर्विद्यालयी हिंदी भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का विषय है – ‘हिंदी का बदलता स्वरूप’। कक्षा 9 से 12 तक के इच्छुक छात्र-छात्राएँ 5 जुलाई तक हिंदी विभाग में अपना नाम दर्ज कराएँ। विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएँगे। अधिक जानकारी के लिए हिंदी अध्यापक से संपर्क करें। |
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अथवा
(ख) आप सर्वोदय सोसायटी के सचित हैं। आपकी सोसायटी में एक सप्ताह तक गंगा जल का आना बंद रहेगा। इसकी जानकारी देते हुए एक सूचना लिखिए।
उत्तर:
|
सर्वोदय अपार्टमेंट्स, नई दिल्ली दिनांक 4 नवम्बर, 20 XX |
प्रश्न 15.
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 40 शब्दों में आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। (3×1=3)
(क) आपसे ‘अवनी प्रकाशन’ के प्रबंधक ने एक विज्ञापन बनाने के लिए आग्रह किया है। आप इस प्रकाशन के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर:

अथवा
(ख) एन. एच, 24 सड़क अब लाल बत्ती से मुक्त हो गई है। दिल्ली से मेरठ तक यात्रा बिना रुके पूरी की जा सकती है। आम जनता को इसकी जानकारी देते हुए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 16.
(क) “में अपने घर की बालकनी में बैठा चाय पी रहा था कि अचानक तेज हवाएँ चलने लर्गी ……….” पंक्ति से लगभग 100 शब्दों में लघुकथा लिखिए। (5×1=5)
उत्तर:
मैं अपने घर की बालकनी में बैठा चाय पी रहा था कि अचानक तेज हवाएँ चलने लगीं। पेड़ों की टहनियाँ ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगीं और अखबार के पन्ने उड़कर आसमान में तैरने लगे। मैंने देखा कि सामने वाली इमारत की छत पर एक बच्चा पतंग उड़ाने में मग्न था। इतनी तेज़ हवा में वह संतुलन खो बैठा और एकदम छत के किनारे की ओर बढ़ गया। मेरे दिल की धड़कनें तेज़ हो गईं। मैंने तुरंत ज़ोर से आवाज़ लगाई – ‘बच्चे! नीचे उतर जाओ!’ मेरी आवाज़ सुनकर आस-पास के लोग भी बालकनी में आ गए। शोर सुनकर बच्चे की माँ छत पर पहुँची और उसे पकड़ लिया। कुछ ही देर में आसमान काला हो गया और तेज़ बारिश शुरू हो गई। मैं राहत की माँस लेते हुए वस यही सोच रहा था कि ‘सतर्कता ही सुरक्षा है।’
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अथवा
(ख) आप कार्तिक/कृतिका हैं। आपको उच्च शिक्षा के लिए ‘शिक्षा-लोन’ की आवश्यकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखकर लोन के लिए आवेदन कीजिए।
उत्तर:
From: [email protected]
To: [email protected]
CC: abc @gmail.com
BCC:
विषय उच्च शिक्षा हेतु लोन की आवश्यकता।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं कार्तिक कुमार एक होनहार छात्र हूँ। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मुझे दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त हुआ है।
मेरी पारिवारिक आर्थिक स्थिति सीमित है, अत: उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा-लोन की आवश्यकता है। कृपया इस संबंध में आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ों तथा योजना की शर्तों की जानकारी देने की कृपा करें, ताकि मैं शीघ्र आवेदन कर सकूँ। आपके उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी।
सधन्यवाद।
भवदीय,
कार्तिक कुमार
मो. 9876XXXXXX