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Class 8 Maths Chapter 5 Hindi Medium संख्याओं का खेल
Class 8 Maths Chapter 5 Question Answer in Hindi
कक्षा 8 गणित अध्याय 5 प्रश्न उत्तर संख्याओं का खेल
गणित चर्चा (पृष्ठ 112)
प्रश्न 1.
इन प्रश्नों एवं आपके मस्तिष्क में आने वाले अन्य प्रश्नों को खोजिए तथा सभी प्रश्नों पर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए।
हल:
निर्देशानुसार कीजिए। उदाहरणार्थ, संख्या 2 को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है।
गणित चर्चा (पृष्ठ 113)
प्रश्न 1.
प्रत्येक व्यंजक की गणना कीजिए एवं परिणाम को इनके सामने लिखिए। क्या आपको इसमें कुछ रोचक दिखाई देता है?
हल:
3 + 4 + 5 + 6 = 18
3 + 4 + 5 – 6 = 6
3 + 4 – 5 + 6 = 8
3 + 4 – 5 – 6 = -4
3 – 4 + 5 + 6 = 10
3 – 4 + 5 – 6 = -2
3 – 4 – 5 + 6 = 0
3 – 4 – 5 – 6 – 12
हम देखते हैं कि अंतिम योग सदैव 2 से विभाज्य है।
प्रश्न 2.
अब चार अन्य क्रमागत संख्याएँ लीजिए। पूर्वानुसार ‘+’ एवं ‘-‘ चिह्न लगाइए। प्रत्येक व्यंजक का मान ज्ञात कीजिए। आपने क्या अवलोकन किया?
हल:
5 + 6 + 7 + 8 = 26
5 + 6 + 7 – 8 = 10
5 + 6 – 7 + 8 = 12
5 + 6 – 7 – 8 = -4
5 – 6 + 7 + 8 = 14
5 – 6 + 7 – 8 = -2
5 – 6 – 7 + 8 = 0
5 – 6 – 7 – 8 = -16
योग 2 द्वारा विभाज्य है।
प्रश्न 3.
अब आप उपर्युक्त क्रियाकलाप को 4 क्रमागत संख्याओं के एक अन्य समूह (सेट) के साथ दोहराइए। अपने परिणामों को साझा कीजिए।

हल:

प्रश्न 4.
कुछ योगफल सदैव समान प्राप्त होते हैं चाहे किन्हीं भी 4 क्रमागत संख्याओं का चयन किया जाए। क्या यह रोचक नहीं है?
हल:
निर्देशानुसार कीजिए। प्रत्येक स्थिति में, योग 2 द्वारा विभाज्य होता है, अर्थात् वह एक सम पूर्णांक है।
प्रश्न 5.
क्या यह प्रतिरूप तब भी बनता है जब किन्हीं भी 4 क्रमागत संख्याओं का चयन किया जाता है? क्या तर्कशक्ति द्वारा इसका उत्तर प्राप्त किया जा सकता है? संकेत: बीजगणित का उपयोग कीजिए और इन 8 व्यंजकों को सामान्य रूप में लिखिए।
हल:
हाँ।
मान लीजिए कि a, b, c और d चार क्रमागत संख्याएँ हैं।
तब, a + b + c + d एक सम संख्या है, क्योंकि a, b, c और d में दो संख्याएँ विषम होंगी और दो संख्याएँ सम होंगी।
अब आइए a – b + c + d पर विचार करें।
हम प्राप्त करते हैं कि (a + b + c + d) – (a – b + c + d = 26 है, जो एक सम संख्या है।
इसलिए (a + b + c + d) भी एक सम संख्या होगी। नोट: और अधिक चर्चा के लिए. पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 114 को देखिए।
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गणित चर्चा (पृष्ठ 114)
प्रश्न 1.
क्या कोई ऐसी पद्धति है जिससे यह समझाया जा सके कि ऐसा क्यों होता है?
संकेत : दो संख्याओं के योग या अंतर की समता (समानता) के लिए नियमों पर विचार कीजिए।
हल:
दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।
दो सम संख्याओं का योग सम होता है।
आगे, चार क्रमागत संख्याओं में दो संख्याएँ विषम और दो संख्याएँ सम होंगी।
नोट : अब पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 114 पर दी गई पाठ्य सामग्री का अध्ययन कीजिए।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 115)
प्रश्न 1.
क्या सभी व्यंजकों की समान समता होने की परिघटना केवल 4 संख्याएँ लेने तक सीमित है? इस विषय में आपका क्या विचार है?
हल:
हाँ। परंतु पाँच क्रमागत संख्याओं की स्थिति में यह समता (समानता) विषम होगी तथा 6 क्रमागत संख्याओं की स्थिति में यह समानता सम होगी, 7 क्रमागत संख्याओं के लिए यह समानता पुनः विषम होगी इत्यादि।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 116)
प्रश्न 1.
इसी प्रकार ज्ञात कीजिए एवं व्याख्या कीजिए कि कौन-से अन्य व्यंजकों का मान सदैव सम संख्याएँ होती हैं। प्रत्येक व्यंजक के लिए मान सम संख्या होने व सम संख्या न होने के कुछ उचित उदाहरण दीजिए।
हल:
2a + 2b : 2a + 2b सदैव एक सम संख्या देगा, क्योंकि 2a और 2b दोनों सम हैं।
3g + 5h : 3g + 5h सदैव एक सम संख्या नहीं देगा। उदाहरणार्थ, g = 1 और h = 2 के लिए, 3g + 5h = 3 × 1 + 5 × 2 = 13 है।
4m + 2n : 4m + 2n सदैव एक सम संख्या देगा, क्योंकि 4m और 2n दोनों सम हैं।
2u – 4v : 2u – 4v सदैव एक सम संख्या देगा, क्योंकि 2u और 4v दोनों सम हैं।
6m – 3n : 6m – 3n सदैव एक सम संख्या नहीं देगा। उदाहरणार्थ, m = 2 और n = 3 के लिए. 6m – 3n = 6 × 2 – 3 × 3 = 3 है।
x2 + 2 : x2 + 2 सदैव एक सम संख्या नहीं देगा। उदाहरणार्थ, x = 3 के लिए, x2 + 2 = 9 + 2 = 11 है।
b2 + 1 : b2 + 1 सदैव एक सम संख्या नहीं देगा। उदाहरणार्थ, b = 2 के लिए b2 + 1 = 4 + 1 = 5 है।
4k × 3j : 4k × 3j = 12kj सदैव एक सम संख्या देगा, क्योंकि 12 एक 2 का गुणज है।
प्रश्न 2.
कुछ बीजगणितीय व्यंजक लिखिए जिनका मान सदैव सम संख्या होता है।
हल:
4a + 6x; 8x + 2y; 10x – 4y; 7x × 4z, इत्यादि।
गणित चर्चा (पृष्ठ 121)
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए कथनों में से प्रत्येक की जाँच कीजिए एवं निर्धारित कीजिए कि यह ‘सदैव सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’ या ‘कभी सत्य नहीं हैं”।
6. यदि कोई संख्या 9 और 4 दोनों से विभाज्य है, तो यह 36 से अवश्य विभाज्य होगी।
7. यदि कोई संख्या 6 और 4 दोनों से विभाज्य है, तो यह 24 से अवश्य विभाज्य होगी।
हल:
6. यह कथन सदैव सत्य है।
7. यह कथन कभी-कभी सत्य है।
उदाहरणार्थ, 6 और 4 दोनों से 36 विभाज्य है, परंतु 24 से 36 विभाज्य नहीं है। परंतु 24 से 72 विभाज्य है।
प्रश्न 2.
तो क्या मैं एक सम संख्या को 2 और एक विषम संख्या को 2n + 1 लिख सकता हूँ?
हल:
हाँ।
प्रश्न 3.
एक संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 5 से विभाजित करने पर 3 शेष बचता हो। ऐसी ही कुछ अन्य संख्याएँ भी लिखिए।
हल:
ऐसी संख्याएँ 8, 13, 18, 23, इत्यादि हैं।
गणित चर्चा (पृष्ठ 122)
प्रश्न 1.
क्या ऐसे अन्य व्यंजक हैं जो 5 के गुणज से 3 अधिक वाली संख्याएँ बनाते हों?
हल:
नहीं।
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आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 122 – 123)
प्रश्न 1.
चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं?
हल:
मान लीजिए ये संख्याएँ x, x + 1, x + 2 और x + 3 हैं।
अत:, x + (x + 1) + (x + 2) + (x + 3 ) = 34 है।
अर्थात्, 4x + 6 = 34 या 4x = 34 – 6 = 28 या x = \(\frac{28}{4}\) = 7 है।
इस प्रकार, ये संख्याएँ 7, 8, 9 और 10 हैं।
प्रश्न 2.
मान लीजिए पाँच क्रमागत संख्याओं में p बड़ी है। अन्य चार संख्याओं को p के पदों में कीजिए।
हल:
ये संख्याएँ p, p – 1, p – 2, p – 3 और p – 4 हैं, जो बढ़ते हुए क्रम में p – 4, p – 3, p – 2, P – 1 और p हैं।
प्रश्न 3.
नीचे दिए गए प्रत्येक कथन के लिए निर्धारित कीजिए कि ‘यह सदैव सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’ या ‘कभी सत्य नहीं है। अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए। उपयुक्तता के आधार पर जो उदाहरण हैं तथा जो उदाहरण नहीं हैं उनका उल्लेख कीजिए। बीजगणित का उपयोग करके अपने तर्क की पुष्टि कीजिए।
(i) दो सम संख्याओं का योगफल 3 का एक गुणज है।
(ii) यदि कोई संख्या 18 से विभाज्य नहीं है, तो यह 9 से भी विभाज्य नहीं होगी।
(iii) यदि दो संख्याएँ 6 से विभाज्य नहीं है, तो उनका योगफल 6 से विभाज्य नहीं होगा।
(iv) 6 के एक गुणज और 9 के एक गुणज का योगफल 3 का एक गुणज होता है।
(v) 6 के एक गुणज और 3 के एक गुणज का योगफल 9 का एक गुणज होता है।
हल:
(i) कभी-कभी सत्य है। उदाहरणार्थ, 4 + 8 = 12 संख्या 3 से विभाज्य है, परंतु 6 + 8 = 14 संख्या 3 से विभाज्य नहीं है।
बीजगणित : मान लीजिए 2m और 2n दो सम संख्याएँ हैं। इनका योग = 2 (m + m) है। यह 3 द्वारा विभाज्य होगा, यदि 3 द्वारा m +m विभाज्य हो, जो सत्य है, जब m + 7 = 3, 6, 9 है तथा सत्य नहीं है, जब m + n = 4, 5, 7, 10, 11, … है।
(ii) कभी-कभी सत्य है। उदाहरणार्थ, 18 से 27 विभाज्य नहीं है, परंतु यह 9 से विभाज्य है। परंतु 18 और 9 दोनों से 35 विभाज्य नहीं है।
बीजगणित : 9 से संख्या 9m विभाज्य m = 1, 2, 3, …… के लिए होती है, परंतु m = 1, 3, 5, …… के लिए 18 से यह संख्या 9m विभाज्य नहीं होती है।
(iii) कभी – कभी सत्य है। उदाहरणार्थ, 5 और 9 दोनों 6 द्वारा विभाज्य नहीं हैं। और 5 + 9 = 14 भी 6 द्वारा विभाज्य नहीं हैं। परंतु 9 और 21 दोनों 6 द्वारा विभाज्य नहीं हैं, परंतु 9 + 21 = 30 संख्या 6 द्वारा विभाज्य है।
बीजगणित : मान लीजिए कि 6 द्वारा x और y विभाज्य नहीं है। तब, x + y चरों x और y के कुछ मानों के लिए 6 का एक गुणज हो सकता है तथा कुछ मानों के लिए 6 का एक गुणज नहीं भी हो सकता है।
(iv) सदैव सत्य है।
बीजगणित : मान लीजिए कि ये संख्याएँ 6a और 9b हैं। अत:, 6a + 9b = 3 (2a + 3b) है, जो 3 से सदैव विभाज्य होगा।
(v) कभी-कभी सत्य है। उदाहरणार्थ, 18 का एक गुणज 6 और 3 दोनों का है। यह 9 द्वारा विभाज्य है। परंतु 6 और 3 दोनों का एक गुणज 12 है, जो 9 से विभाज्य नहीं है।
बीजगणित : 6 और 3 द्वारा विभाज्य एक संख्या 6x के रूप की होगी तथा यह x = 3, 6, 9, के लिए 9 द्वारा विभाज्य होगी।
प्रश्न 4.
ऐसी कुछ संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिन्हें 3 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त हो और 4 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त हो। ऐसी सभी संख्याओं को व्यक्त करने के लिए एक बीजगणितीय व्यंजक लिखिए।
हल:
ऐसी संख्याएँ 14, 26, 38, 50, … हैं।
बीजीय व्यंजक 12x + 2 (x = 1, 2, 3, … ) है।
प्रश्न 5.
“मुझमें है कुछ कंकड़, बहुत अधिक तो नहीं,
मैं बाँटता जब उन्हें 3 के समूहों में
तो एक बच ही जाता यहीं
यदि मैं चाहूँ उन्हें युग्मों में बाँटना,
मुझसे तो हो पाता नहीं,
क्योंकि यह जिद्दी अकेला कंकड़ रह ही जाता कहीं।
5 के समूहों में बाँटने पर,
फिर भी एक बचा है यहीं कहीं,
किंतु 7 के समूहों में बाँटने पर,
पूर्णता मिलती है सही।
100 से अधिक रखना नहीं है मेरे लिए आसान,
कहलाओगे तुम चतुर,
यदि कंकड़ों की संख्या गए जान।”

हल:
कंकड़ों की संख्या = (3 और 5 का LCM) + 1 = 15 + 1 = 16 है। यह 7 द्वारा विभाज्य नहीं है। अतः यह संभव नहीं है।
यह (15 का एक गुणज) + 1, अर्थात्, 15x + 1 हो सकता है। परंतु 15x + 1 को 7 का एक गुणज भी होना चाहिए। अतः कंकड़ों की संख्या 15 × 6 + 1 = 91 है।
यह 100 से कम भी है।
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प्रश्न 6.
तथागत ने ऐसी अनेक संख्याएँ लिखी हैं जिन्हें 6 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है। वह पुष्टि करता है “यदि आप ऐसी किन्हीं तीन संख्याओं का योग करें तो योगफल सदैव 6 का एक गुणज होगा।” क्या तथागत की पुष्टि सही है?
हल:
हाँ, सही है। क्योंकि तीनों संख्याओं के तीनों शेषफलों (2) का योग 2 + 2 + 2 = 6, जो 6 द्वारा विभाज्य है।
प्रश्न 7.
7 से विभाजित करने पर संख्या 661 में शेषफल 3 प्राप्त होता है और संख्या 4779 में शेषफल 5 प्राप्त होता है। गणना किए बिना क्या आप बता सकते हैं कि 7 से विभाजित करने पर नीचे दिए गए व्यंजकों में शेषफल कितना होगा? हल को बीजगणितीय एवं दृश्यांकन रूप में दर्शाइए।
(i) 4779 + 661
(ii) 4779 – 661
हल:
(i) शेषफल 1 है। (5 + 3 = 8 ÷ 7 से शेषफल 1 प्राप्त होता है।)
(ii) शेषफल 2 होगा (5 – 3 = 2)।
बीजीय रूप से :
(i) 4779 = 7p + 5 (दिया है)
और 661 = 7q + 3 (दिया है)
अत:, 4779 + 661 = 7p + 5 + 7q + 3
= 7 (p + q) + 8
= 7p + 7q + 7 + 1
= 7 (p + q + 1) + 1
अतः, शेषफल 1 है।
(ii) 4779 – 661 = 7p + 5 – (7q + 3)
= 7p – 7q + 5 – 3
= 7(p – q) + 2
अतः शेषफल 2 है।
प्रश्न 8.
वह संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 3 से विभाजित करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है एवं 4 से विभाजित करने पर शेषफल 3 प्राप्त होता है एवं 5 से विभाजित करने पर शेषफल 4 प्राप्त होता है। ऐसी सबसे छोटी संख्या कौन-सी है? क्या आप यह बता सकते हैं कि यह संख्या सबसे छोटी क्यों है?
हल:
यहाँ 3 – 2 = 1, 4 – 3 = 1 और 5 – 4 = 1 है।
अतः, वाँछित सबसे छोटी संख्या ( 3, 4 और 5 का LCM) – 1 = 60 – 1 = 59 है यह LCM 60 के कारण सबसे छोटी है।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 126)
प्रश्न 1.
निम्न कथनों में से प्रत्येक कथन को देखिए । कौन-से कथन सही हैं और क्यों?
(i) यदि कोई संख्या 9 से विभाज्य है, तो इसके अंकों का योगफल 9 से विभाज्य होगा।
(ii) यदि किसी संख्या के अंकों का योगफल 9 से विभाज्य है, तो यह संख्या 9 से विभाज्य होगी।
(iii) यदि कोई संख्या 9 से अविभाज्य है, तो इसके अंकों का योगफल 9 से अविभाज्य होगा।
(iv) यदि किसी संख्या के अंकों का योगफल 9 से अविभाज्य है, तो यह संख्या 9 से अविभाज्य होगी।
हल:
(i) सही (ii) सही (iii) सही (iv) सही
नोट: पाठ्यपुस्तक में यह दर्शाया गया है कि कोई संख्या 9 से तभी विभाज्य होती है, जब उसके अंकों का योग 9 से विभाज्य होता है। उपरोक्त को दृष्टिगत रखते हुए ये सभी चारों कथन सही हैं।
आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 126)
प्रश्न 1.
विभाजित किए बिना ज्ञात कीजिए कि क्या दी गई संख्याएँ 9 से विभाज्य हैं।
(i) 123
(ii) 405
(iii) 8888
(iv) 93547
(v) 358095
हल:
(i) 1 + 2 + 3 = 6, जो 9 द्वारा विभाज्य नहीं है। अतः 9 द्वारा 123 विभाज्य नहीं है।
(ii) 4 + 0 + 5 = 9, जो 9 द्वारा विभाज्य है। अतः 9 द्वारा 405 विभाज्य है।
(iii) 8 + 8 + 8 + 8 = 32, जो 9 द्वारा विभाज्य नहीं है। अतः 9 द्वारा 8888 विभाज्य नहीं है।
(iv) 9 + 3 + 5 + 4 + 7 = 28, जो 9 द्वारा विभाज्य नहीं है। अतः 9 द्वारा 93547 विभाज्य नहीं है।
(v) 3 + 5 + 8 + 0 + 9 + 5 = 30, जो 9 द्वारा विभाज्य नहीं है। अतः 9 द्वारा 358095 विभाज्य नहीं है।
प्रश्न 2.
9 का सबसे छोटा गुणज ज्ञात कीजिए जिसमें कोई विषम अंक न हो।
हल:
9 का सबसे छोटा गुणज, जिसमें कोई विषम अंक नहीं है, 288 है।
प्रश्न 3.
9 का वह गुणज ज्ञात कीजिए जो संख्या 6000 के सबसे समीप हो।
हल:
5994
प्रश्न 4.
4300 व 4400 संख्याओं के बीच 9 के कितने गुणज हैं?
हल:
संख्याओं 4300 और 4400 के बीच 9 के 11 गुण हैं। (4302, 4311, 4320,…, 4392)
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पृष्ठ 126
प्रश्न 1.
जब 10 की घातें 3 से विभाजित की जाती हैं तो शेषफल ज्ञात कीजिए। व्याख्या कीजिए कि यह विधि कैसे कार्य करती है।
हल:
जब 10 की धात को 3 से भाग दिया जाता है, तब प्रत्येक स्थिति में, (9 द्वारा भाग की स्थिति की ही तरह) शेषफल 1 आता है। आगे 345 जैसी संख्या के लिए, शेषफल 3 × 1 + 4 × 1 + 5 = 12 लिए जाएँगे (जैसा 9 की स्थिति में था), जो 3 द्वारा विभाज्य है। अतः 3 द्वारा 345 विभाज्य है।
गणित चर्चा (पृष्ठ 127)
प्रश्न 1.
इन अवलोकनों का उपयोग करते हुए क्या आप बता सकते हैं कि क्या संख्या 462, 11 से विभाज्य है?
हल:
हाँ, 11 द्वारा 462 विभाज्य है, क्योंकि 4 + 2 – 6 = 0 है, तो 11 द्वारा विभाज्य है।
प्रश्न 2.
11 से विभाज्यता जाँचने की एक सामान्य विधि या संक्षिप्त विधि क्या हो सकती है?
हमने देखा कि स्थानीय मान 11 के किसी गुणज से 1 अधिक या 1 कम के एकांतर क्रम में हो हैं। इस अवलोकन का उपयोग करते हुए-

हल:
अंकों के एकांतर योगों को ज्ञात कीजिए तथा फिर इनका अंतर ज्ञात कीजिए। यदि यह अंतर 11 द्वारा विभाज्य है, तो वह संख्या भी 11 द्वारा विभाज्य होगी।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 128 – 129)
प्रश्न 1.
यदि यह अंतर 11 हो या 11 का कोई गुणज हो तो संख्या को 11 से विभाजित करने पर मिलने वाले शेषफल के विषय में यह क्या दर्शाता है?
हल:
शेषफल 0 होगा।
प्रश्न 2.
इस संक्षिप्त विधि का उपयोग करते हुए ज्ञात कीजिए कि क्या दी गई संख्याएँ 11 से विभाज्य हैं। इसके साथ ही यदि संख्या 11 से अविभाज्य है तो शेषफल ज्ञात कीजिए।
(i) 158
(ii) 841
(iii) 481
(iv) 5529
(v) 90904
(vi) 857076

हल:
(i) 158 = 100 + 50 + 8
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = 1 – 5 + 8 = 4 है।
अतः 11 द्वारा 158 विभाज्य नहीं है। शेषफल 4 है।
(ii) 841 = 800 + 40 + 1
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = 8 – 4 + 1 = 5 है।
अत:, 11 द्वारा 841 विभाज्य नहीं है। शेषफल 5 है।
(iii) 481 = 400 + 80 + 1
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = 4 – 8 + 1 = -3 है।
अत:, 11 द्वारा 481 विभाज्य नहीं है। शेषफल – 3 + 11 = 8 है।
(iv) 5529 = 5000 + 500 + 20 + 9
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = – 5 + 5 – 2 + 9 = 7 है।
अत:, 11 द्वारा 5529 विभाज्य नहीं है। शेषफल 7 है।
(v) 90904 = 90000 + 0 × 1000 + 900 + 0 × 10 + 4
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = 9 – 0 + 9 – 0 + 4 = 22 है।
11 द्वारा 22 विभाज्य है।
अत:, 11 द्वारा 90904 विभाज्य है।
(vi) 857076 = 800000 + 50000 + 7000 + 0 × 100 + 70 + 6
संक्षिप्त विधि द्वारा शेषफल = – 8 + 5 – 7 + 0 – 7 + 6 = -11 है।
11 द्वारा -11 विभाज्य है।
अत:, 11 द्वारा 857076 विभाज्य है।
गणित चर्चा (पृष्ठ 129)
प्रश्न 1.
नीचे दी गई सारणी में संक्षिप्त विधि का उपयोग करते हुए नीचे दी गई सारणी में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

हल:

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पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 130)
प्रश्न 1.
हम कैसे ज्ञात कर सकते हैं कि क्या कोई संख्या 6 से विभाज्य है?
हल:
वह 2 और 3 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए।
प्रश्न 2.
क्या 6 से विभाज्यता की जाँच इसके गुणनखंडों 2 एवं 3 से विभाज्यता द्वारा की जा सकती है? दी गई संख्याओं पर 2 एवं 3 के लिए विभाज्यता की संक्षिप्त विधियों का उपयोग कीजिए एवं प्रत्येक संख्या को 6 से विभाजित करके अपने उत्तर की जाँच कीजिए – 38, 225, 186, 64
हल:
हाँ।
2 द्वारा 38 विभाज्य है, परंतु 3 द्वारा विभाज्य नहीं है।
अतः यह 6 द्वारा विभाज्य नहीं है।
3 द्वारा 225 विभाज्य है, परंतु 2 द्वारा विभाज्य नहीं है।
अतः यह 6 द्वारा विभाज्य नहीं है।
2 और 3 दोनों द्वारा 186 विभाज्य है।
अतः यह 6 द्वारा विभाज्य है।
2 द्वारा 64 विभाज्य है, परंतु 3 द्वारा विभाज्य नहीं है।
अतः,यह 6 द्वारा विभाज्य नहीं है।
अंकीय मूल (पृष्ठ 130)
प्रश्न 1.
आपके अनुसार इस अंकीय मूल में कौन-सी विशेषता होगी? स्मरण कीजिए 9 द्वारा विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को ज्ञात करते समय हमने ऐसा किया था।
हल:
अंकीय मूल ज्ञात करने के लिए हमें दी हुई संख्या के केवल अंकों पर विचार करना चाहिए।
गणित चर्चा (पृष्ठ 130)
प्रश्न 1.
संख्या 600 और 700 के मध्य किन संख्याओं का अंकीय मूल है- (i) 5, (ii) 7, (iii) 3?
हल:
(i) 608, 617, 626, 635, 644, 653, 662, 671, 680, 689 और 698।
(ii) 601, 610, 619, 628, 637, 646, 655, 664, 673, 682, 691।
(iii) 606, 615, 624, 633, 642, 651, 660, 669, 678, 687, 696।
प्रश्न 2.
किन्हीं 12 क्रमागत संख्याओं के अंकीय मूल लिखिए। आपने क्या अवलोकन किया?
हमने देखा कि 9 के गुणजों का अंकीय मूल सदैव 9 होता है।
हल:
14 का अंकीय मूल 1 + 4 = 5, 15 का अंकीय मूल 1 + 5 = 6, 16 का अंकीय मूल = 7, 17 का अंकीय मूल = 8, 18 का अंकीय मूल = 9, 19 का अंकीय मूल = 1 + 9 = 10 = 1 + 0 = 1, 20 का अंकीय मूल = 2, 21 का अंकीय मूल = 3, 22 का अंकीय मूल = 4, 23 का अंकीय मूल = 5, 24 का अंकीय मूल = 6, 25 का अंकीय मूल = 7 है।
प्रश्न 3.
अब इन संख्याओं के कुछ क्रमागत गुणजों के अंकीय मूल ज्ञात कीजिए- (i) 3 (ii) 4 (iii) 6.
हल:
(i) 12 का अंकीय मूल = 3, 15 का अंकीय मूल = 6, 18 का अंकीय मूल = 9, 21 का अंकीय मूल = 3, 24 का अंकीय मूल = 6, 27 का अंकीय मूल = 9, इत्यादि है।
(ii) 12 का अंकीय मूल = 3, 16 का अंकीय मूल = 7, 20 का अंकीय मूल = 2, 24 का अंकीय मूल = 6, 28 का अंकीय मूल = 2 + 8 = 10 = 1, 32 का अंकीय मूल = 5, 36 का अंकीय मूल = 9, इत्यादि है।
(iii) 12 का अंकीय मूल = 3, 18 का अंकीय मूल = 9, 24 का अंकीय मूल = 6, 30 का अंकीय मूल = 3, 36 का अंकीय मूल = 9, 42 का अंकीय मूल = 6, इत्यादि है।
प्रश्न 4.
6 के गुणजों से 1 अधिक वाली संख्याओं के अंकीय मूल क्या हैं? आपने क्या अवलोकन किया? आपने जो प्रतिरूप देखा उसकी व्याख्या करने का प्रयत्न कीजिए।
हल:
12 + 1 = 13 का अंकीय मूल = 4, 18 + 1 = 19 का अंकीय मूल = 1 + 9 = 10 = 1 + 0 = 1, 24 + 1 = : 25 का अंकीय मूल = 7,30 + 1 = 31 का अंकीय मूल = 4, 37 का अंकीय मूल = 10 = 1 + 0 = 1, 43 का अंकीय मूल = 7, इत्यादि है।
ये पैटर्न 4, 1, 7, 4, 1, 7, 4, 1, 7, …. में प्रकट हो रहे हैं।
प्रश्न 5.
अंकों से हूँ मैं बना, हर एक छोटा और विषम, 1 नहीं है अंकीय मूल मेरा, बात है ये कितनी विषम! मेरे अंक, उनका योग, जो है मेरा मूल सारा सभी मिलकर करते हैं। एक सुदृढ़ संख्या की ओर इशारा गर्व से कहता हूँ मैं, वह मूल है सबसे बड़ी एक अंकीय विषम संख्या क्या है क्या है मेरा नाम? कौन सी हूँ मैं संख्या?

आर्यभट द्वितीय (लगभग 950 सामान्य संवत्) के ग्रंथ महासिद्धांत में एक संख्या के अंकीय मूल की गणना करने की विधि का वर्णन किया गया है जिसमें संख्या के अंकों का तब तक बार-बार योग किया जाता है जब तक कि एक इकाई अंक प्राप्त नहीं हो जाता। इस विधि का प्रयोग अंकगणितीय संक्रियाओं की गणनाओं की जाँच करने के लिए किया जाता रहा है।
हल:
आप संख्या 11, 11, 11, 111 हो।
आपका नाम 11 करोड़ 11 लाख 11 हजार एक सौं ग्यारह है।
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आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 131)
प्रश्न 1.
8 अंकों की एक संख्या का अंकीय मूल 5 है। उस संख्या से 10 अधिक संख्या का अंकीय मूल क्या होगा?
हल:
उस संख्या का अंकीय मूल 5 + 10 = 15 = 1 + 5 = 6 होगा।
प्रश्न 2.
कोई भी संख्या लिखिए। 11 को बार-बार जोड़कर संख्याओं का अनुक्रम बनाइए । संख्याओं के इस अनुक्रम का अंकीय मूल क्या होगा? अपने अवलोकन को साझा कीजिए।
हल:
मान लीजिए अनुक्रम 4, 15, 26, 37, 48, 59, 70, 81, 92, 103, 114, 125 हैं।
अंकीय मूल 4, 6, 8, 1, 3, 5, 7, 9, 2, 4, 6, 8, … हैं।
ये पैटर्न 2, 4, 6, 8, 1, 3, 5, 7, 9, 2, 4, 6, 8, 1, 3, 5, 7, 9, … के अनुसार हैं।
प्रश्न 3.
संख्या 9a + 36b + 13 का अंकीय मूल क्या होगा?
हल:
यह 1 + 3 = 4 होगा, क्योंकि 9 + 36 + 13 = 58 = 13 = 1 + 3 = 4 है।
प्रश्न 4.
जाँच द्वारा अनुमान लगाइए यदि निम्नलिखित के मध्य कोई प्रतिरूप बन रहा हो अथवा संबंध हो।
(i) एक संख्या और उसके अंकीय मूल की अनुरूपता या समता
(ii) किसी संख्या का अंकीय मूल तथा शेषफल जो संख्या को 3 अथवा 9 से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
हल:
(i) किसी संख्या और उसके अंकीय मूल की समता ( समानता) के बीच कोई संबंध नहीं है।
(ii) जब किसी संख्या को 3 या 9 द्वारा विभाजित किया जाता है, तब शेषफल उस शेषफल के बराबर होता है, जो उसके अंकीय मूल को 3 या 9 से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 131)
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए गूढ़कलन को हल कीजिए।

हल:

प्रश्न 2.
निम्नलिखित को हल कीजिए।
(i) UT × 3 = PUT
(ii) AB × 5 = BC
(iii) L2N × 2 = 2NP
(iv) XY × 4 = ZX
(v) PP × QQ = PRP
(vi) JK × 6 = KKK
हल:
(i) UT × 3 = PUT ⇒ 50 × 3 = 150 है।
अत:, P = 1, U = 5 और T = 0 है।
(ii) AB × 5 = BC ⇒ 19 × 5 = 95 है।
अत:, A = 1, B = 9 और C = 5 है।
(iii) L2N × 2 = 2NP ⇒ 124 × 2 = 248 है।
अत:, L = 1, N = 2 और P = 8 है।
(iv) XY × 4 = ZX ⇒ 23 × 4 = 92 है।
अत:, X = 2, Y = 3 और Z = 9 है।
(v) PP × QQ = PRP ⇒ 22 × 11 242 है।
अत:, P = 2, Q = 1 और R = 4 है।
(vi) JK × 6 = KKK ⇒ 74 × 6 = 444 है।
अत:, J = 7 और K = 4 है।
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आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 132 – 134)
प्रश्न 1.
यदि 31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है, तब z का मान क्या होगा? व्याख्या कीजिए कि यहाँ इस प्रश्न के दो उत्तर क्यों हैं?
हल:
3 + 1 + z + 5 = 9 + 2 है।
9 का एक गुणज होने के लिए, (9 + z) को 9 का एक गुणज होना चाहिए। इसके लिए z के मान 0 या 9 हो सकते हैं।
प्रश्न 2.
स्नेहल पुष्टि करता है- “मैं एक संख्या लेता हूँ जिसे 12 से विभाजित करने पर शेषफल 8 प्राप्त होता है। मैं एक और संख्या लेता हूँ जो 12 के गुणज से 4 कम है। इनका योगफल सदैव 8 का गुणज होगा।” उसकी पुष्टि कीजिए और अपने निष्कर्ष का सत्यापन कीजिए।
हल:
मान लीजिए कि पहली संख्या 12x + 8 है और दूसरी संख्या 12y – 4 है।
इनका योग = 12x + 8 + 12y – 4
= 12x + 12y + 4 है।
x = 3 और y = 5 के लिए, 12x + 12y + 4 का मान = 36 + 60 + 4 = 100, जो 8 का गुणज नहीं है। अतः, स्नेहल की पुष्टि (का दावा) सही नहीं है।
नोट: x और y के कुछ मानों के लिए, यह दावा सही हो सकता है। जैसे x = 2 और y = 3 लेने पर 12x + 4 = 48 है और 12y – 4 = 32 है, जो 8 के गुणज हैं।
प्रश्न 3.
3 के दो गुणजों का योग कब 6 का गुणज होता है और कब नहीं? विभिन्न संभावित स्थितियों की व्याख्या कीजिए और प्रतिरूप का सामान्यीकरण कीजिए।
हल:
3 × 3 और 3 × 5, 3 × 5 और 3 × 9, 3 × 7 और 3 × 11, इत्यादि के योग 6 के गुणज हैं। साथ ही, 3 × 2 और 3 × 6; 3 × 4 और 3 × 6, 3 × 4 और 3 × 10, इत्यादि के योग भी 6 के गुणज हैं। परंतु 3 × 3 और 3 × 6, 3 × 6 और 3 × 9, 3 × 4 और 3 × 5, इत्यादि के योग 6 के गुणज नहीं हैं।
अर्थात्, 3 के दो विषम गुणजों के योग तथा 3 के दो सम गुणजों के योग 6 के गुणज होते हैं। परंतु 3 के एक विषम गुणज और एक सम गुणज का योग 6 का एक गुणज नहीं होता है।
प्रश्न 4.
श्रीलथा कहती है, “मेरे पास एक संख्या है जो 9 से विभाज्य है। यदि मैं इस संख्या के अंकों को उल्टे क्रम में लिखूँ, तब भी वह 9 से विभाज्य है।”
(i) जाँच कीजिए कि क्या उसका अनुमान 9 के कोई किसी भी गुणज के लिए सत्य है।
(ii) क्या कोई अन्य अंक में परिवर्तन संभव है जिससे कि प्राप्त संख्या अभी भी 9 का गुणज है?
हल:
(i) हाँ, उसका अनुमान 9 के किसी गुणज के लिए सत्य है।
(ii) हाँ, किन्हीं भी अंकों में उलट-फेर करने से बनी संख्या फिर भी 9 का एक गुणज ही होगी, क्योंकि उस संख्या के अंकों का योग 9 का एक गुणज ही रहेगा।
प्रश्न 5.
यदि 48a23b, 18 का एक गुणज है, तो a और b के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।
हल:
इस संख्या को 2 और 9 से विभाज्य होना चाहिए। इसलिए, b = 0 या 2 या 4 या 6 या 8 हो सकता है।
अब, 4 + 8 + a + 2 + 3 + 6 = 17 + a + b है।
b = 0 के लिए, यह योग 17 + a + 0 = 17 + a है।
अतः 9 से विभाज्यता के लिए a = a = 1 है।
b = 2 के लिए 17 + a + b = 17 + a + 2 = 19 + a है।
अतः 9 से विभाज्यता के लिए, a = 8 है।
b = 4 के लिए, 17 + a + b = 17 + a + 4 = 21 + a है।
अतः 9 से विभाज्यता के लिए a = 6 है।
b = 6 के लिए, 17 + a + b = 23 + a है।
अतः, 9 से विभाज्यता के लिए, a = 4 है।
b = 8 के लिए, 17 + a + b = 25 + a है।
अतः 9 से विभाज्यता के लिए, a = 2 है।
अतः, a और b के मान 1 और 0, 8 और 2, 6 और 4,4 और 6 और 2 और 8 हैं।
प्रश्न 6.
यदि 3p7q8, 44 से विभाज्य है, तो p और q के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।
हल:
3p7q8: 44 से विभाज्यता के लिए, इसे 4 और 11 से विभाज्य होना चाहिए।
4 से विभाज्यता के लिए q = 0 या 2 या 4 या 8 होना चाहिए।
अब, एक-एक अंक छोड़ते हुए अंकों के योग 3 + 7 + 8 = 18 और p + q हैं।
18 – (p + q) को 11 से विभाज्य होना चाहिए।
इसलिए, 9 = 0 के लिए हमें, 18 – p – 0 = 18 – p प्राप्त होता है।
अत:, p = 7 है।
q = 2 के लिए हमें, 18 – p – 2 = 16 – p प्राप्त होता है।
अत:, p = 5 है।
q = 4 के लिए हमें, 18 – p – 4 = 14 – p प्राप्त होता है।
अत:, p = 3 है।
q = 8 के लिए हमें, 18 – p – 8 = 10 – p प्राप्त होता है।
इससे p का कोई मान संभव नहीं है।
अतः, P और q के वाँछित युग्म क्रमश: 7 और 0, 5 और 2 तथा 3 और 4 हैं।
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प्रश्न 7.
तीन क्रमागत संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनमें पहली संख्या 2 का गुणज है, दूसरी संख्या 3 का गुणज है और तीसरी संख्या 4 का गुणज है।
हल:
संख्याओं का एक ऐसा त्रिक 14, 15, 16 है।
अन्य त्रिक 26, 27, 28 या 38, 39, 40 हैं।
ये 12 के अंतराल पर प्रकट हो रहे हैं। उदाहरणार्थ, 26 – 14 = 12, 38 – 26 = 12, 50 – 38 = 12, 62 – 50 = 12 इत्यादि।
प्रश्न 8.
45,000 और 47,000 के बीच 36 के पाँच गुणज लिखिए। अपनी विधि को अपनी कक्षा में साक्षा कीजिए।
हल:
ये गुणज 45036, 45072, 45108, 46044, 46116 हैं।
निर्देशानुसार कीजिए। विधि यह है कि संख्या 9 और 4 से विभाज्य होनी चाहिए। 9 के लिए सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य होना चाहिए तथा 4 के लिए अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य होनी चाहिए।
प्रश्न 9.
पाँच क्रमागत सम संख्याओं के अनुक्रम में मध्य की संख्या 5p है। अनुक्रम में अन्य चार संख्याओं को P के पदों में व्यक्त कीजिए।
हल:
5p – 2, 5p – 1, 5p, 5p + 1 और 5p + 2 है।
प्रश्न 10.
एक 6 अंकों की संख्या लिखिए जो 15 से विभाज्य है तथा अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर प्राप्त संख्या 6 से विभाज्य है।
हल:
ऐसी एक संख्या 212025 है। उत्तर अद्वितीय नहीं है।
प्रश्न 11.
दीपक पुष्टि करता है कि “11 के कुछ गुणज ऐसे हैं जिन्हें दोगुना करने पर भी वह 11 के गुणज रहते हैं, परंतु 11 के अन्य गुणज दोगुना करने पर भी 11 के गुणज नहीं रहते हैं।” यदि उसका अनुमान सही है तो जाँच कीजिए तथा अपने निष्कर्ष की व्याख्या कीजिए।
हल:
उसकी पुष्टि (दावा) गलत है, क्योंकि 11 के किसी भी गुणज का दुगुना सदैव 11 का गुणज ही रहेगा।
प्रश्न 12.
निर्धारित कीजिए कि नीचे दिए गए कथन ‘सदैव सत्य’, ‘कभी-कभी सत्य’ अथवा ‘कभी सत्य नहीं’। अपने तर्क को स्पष्ट कीजिए।
(i) 6 के गुणज और 3 के गुणज का गुणनफल 9 का गुणज होता है।
(ii) तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग 6 से विभाज्य होगा।
(iii) यदि abedef, 6 का एक गुणज है, तो badcef भी 6 का एक गुणज होगा।
(iv) 8 (7b – 3) 4 (11b + 1), 12 का एक गुणज है।
हल:
(i) सदैव सत्य है, क्योंकि 6 और 3 का गुणनफल 18 है, जो 9 का एक गुणज है।
(ii) सदैव सत्य है, क्योंकि किन्हीं तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग 3 द्वारा विभाज्य होता है तथा सम संख्याएँ 2 द्वारा विभाज्य होती हैं।
(iii) सदैव सत्य है, क्योंकि अंकों का योग 3 का गुणज ही रहेगा तथा इकाई के स्थान पर f पहले से ही सम है।
(iv) कभी सत्य नहीं, क्योंकि
8 (7b – 3) – 4 (116 + 1)
= 56b – 24 – 44b – 4
= 12b – 28 है।
अतः, यह 12 का एक गुणज नहीं है।
प्रश्न 13.
किन्हीं 3 संख्याओं का चयन कीजिए। इनका योग कब 3 से विभाज्य होगा? सभी संभावित स्थितियों का अन्वेषण कीजिए और व्यापकीकरण कीजिए।
हल:
इनका योग 3 से विभाज्य होगा, यदि इस योग के अंकों का योग 3 से विभाज्य होगा। कुछ स्थितियों में यह 3 से विभाज्य होगा। परंतु तीन क्रमागत संख्याओं का योग सदैव 3 से विभाज्य होगा।
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प्रश्न 14.
क्या दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है? क्यों? तीन क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है? क्या यह सदैव 6 का गुणज है? क्यों अथवा क्यों नहीं? आप चार क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में क्या कह सकते हैं? पाँच क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है?
हल:
हाँ। क्योंकि दोनों संख्याओं में से एक संख्या सम होगी।
हाँ, क्योंकि तीन संख्याओं में से एक 2 से विभाज्य है और एक 3 से विभाज्य है। चार क्रमागत संख्याओं का गुणनफल 2, 3 और 6 के साथ 4 और 8 द्वारा भी विभाज्य होगा। पाँच क्रमागत संख्याओं का गुणनफल 2, 3, 6, 4 और 8 के साथ ही 5 से भी विभाज्य होगा।
प्रश्न 15.
गूढ़ समीकरण को हल कीजिए।
(i) EF × E = GGG
(ii) WOW × 5 = OEOW
हल:
(i) EF × E = GGG
37 × 3 = 111 है।
अत:, E = 3, F = 7 और G = 1 है ।
(ii) WOW × 5 = OEOW
525 × 5 = 2625
अत:, W= 5, 0 = 2, E = 6 है।
नोट: एक छपाई संबंधी त्रुटि प्रतीत होती है। MEOW के स्थान पर OEOW होना चाहिए।
प्रश्न 16.
नीचे दिए गए कौन-से वेन आरेख 4, 8 और 32 के गुणजों के बीच संबंधों को दर्शाते हैं?

हल:
वेन आरेख (iii)
