Students revise important topics using Extra Questions for Class 6 Social Science and Class 6 SST Chapter 11 Extra Questions and Answers in Hindi आधारभूत लोकतंत्र भाग 2 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार before exams.
Class 6 Social Science Chapter 11 Extra Questions and Answers in Hindi Medium आधारभूत लोकतंत्र भाग 2 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
‘पंचायती राज ‘ शब्द किससे संदर्भित है?
उत्तर:
स्थानीय सरकार की एक प्रणाली ।
प्रश्न 2.
बाल पंचायत क्या है?
उत्तर:
बाल पंचायत किसी एक गाँव या पास के गाँवों के विशेष आयु के बच्चों का समूह है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
भारत के आकार तथा विविधता को बताइए ।
उत्तर:
भारत की जनसंख्या लगभग 1.4 अरब पार कर चुकी है। यहाँ 6,00,000 गाँव, 8,000 कस्बे और 4,000 से अधिक शहर हैं। यह दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा देश है जिसका क्षेत्रफल 32,81263 वर्ग किमी. है।
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प्रश्न 2.
भारत में पंचायती राज व्यवस्था की संरचना पर चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
भारत में पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर हैं- गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत, खंड स्तर पर पंचायत समिति तथा जिला स्तर पर जिला परिषद । यह त्रिस्तरीय प्रणाली शासन के विकेंद्रीकरण में सहायक है तथा स्थानीय स्व- शासन और लोगों को निर्णय – निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने को बढ़ावा देती है।
प्रश्न 3.
पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम सभा का महत्व बताइए |
उत्तर:
ग्राम सभा एक महत्वपूर्ण निकाय है क्योंकि इसमें सभी वयस्क ग्रामीण शामिल होते हैं, जो निर्णय लेने में भाग लेते हैं। यह समुदाय को स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करने, प्रतिनिधि चुनने और उन्हें जवाबदेह बनाने का अधिकार देते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर लोकतंत्र बढ़ता है।
प्रश्न 4.
ग्रामीण शासन में ग्राम पंचायत की क्या भूमिका है?
उत्तर:
ग्राम पंचायत, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन की प्राथमिक इकाई है। यह स्थानीय मुद्दों, विकास परियोजनाओं को लागू करने तथा संसाधनों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होती है। ग्राम सभा द्वारा चयनित, ग्राम पंचायत यह सुनिश्चित करती है कि समुदाय की मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी हों तथा सहभागी शासन को बढ़ावा मिले।
प्रश्न 5.
बच्चों की आवाज कौन सुनता है?
उत्तर:
बच्चों की आवाज बाल हितैषी पंचायत सुनती है। बाल हितैषी पंचायत की पहल से बच्चों की भलाई से जुड़े मामलों पर स्वयं बच्चों को अपने विचार और राय रखने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 6.
जिला परिषद से आप क्या समझते हैं? इसके सदस्य कौन होते हैं?
उत्तर:
जिला परिषद एक स्थानीय सरकारी निकाय है जो जिला स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों को संभालता है। जिला परिषद के अंतर्गत जिले की सभी पंचायत समितियों के प्रमुख, राज्य विधानमंडल, संसद के सदस्य तथा अनुसूचित जाति / जनजाति व महिलाओं के आरक्षित सदस्य ।
प्रश्न 7.
जिला परिषद की प्रमुख भूमिकाएँ क्या हैं?
उत्तर:
यह जिला स्तर पर सभी विकास कार्य देखती है, पंचायत समितियों के बीच समन्वय, स्थानीय पहलों के लिए धन की सुविधा सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में सही ढंग से लागू किया जाए।
प्रश्न 8.
पंचायती राज में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या-क्या उपाय किए गए हैं?
उत्तर:
वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय शासन निकायों में अनुसूचित जाति / जनजाति तथा महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण किया गया है। इससे वंचित वर्ग मुख्य धारा से जुड़ पाएँगे तथा उनकी जरूरतों और समस्याओं को संबोधित भी किया जा सकेगा।
प्रश्न 9.
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की क्या भूमिका
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों को आरक्षित किया गया है। इस पहल से, लैंगिक समानता को बढ़ावा, शासन में महिलाओं की भागीदारी तथा स्थानीय निर्णयों में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्रश्न 10.
पंचायती राज संस्थाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर:
पंचायती राज संस्थाएँ अनेक चुनौतियों का सामना करती है, जैसे सीमित वित्तीय संसाधन, ग्रामीणों में जागरूकता की कमी, नौकरशाही बाधाएँ तथा कभी-कभी राजनीतिक हस्तक्षेप, जो स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने व विकास परियोजनाओं को लागू करने में बाधा बन सकता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
ग्रामीण विकास पर पंचायती राज व्यवस्था के प्रभाव का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था ने स्थानीय समुदायों को उनकी जरूरतों को पहचानने और संबोधित करने के लिए सशक्त बनाकर ग्रामीण विकास को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। इसने सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने, अवसंरचनात्मक विकास तथा निर्णय निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी को आसान बनाया है और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जीवनशैली व धारणीय विकास को सफल बनाया है।
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प्रश्न 2.
पंचायती राज व्यवस्था ने किस प्रकार स्थानीय शासन में जवाबदेही को बढ़ावा दिया है?
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था में लोग अपने प्रतिनिधियों को खुद चुनते हैं जो सीधे समुदाय के प्रति जवाबदेह होते हैं। ग्राम सभा की नियमित बैठकों ने लोगों को एक मंच प्रदान किया है जहाँ ग्रामवासी अपने नेताओं से प्रश्न पूछ सकते हैं तथा स्थानीय मुद्दों पर संवाद कर सकते हैं और उन्हें उनके कार्यों के लिए जवाबदेह बना सकते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
ग्राम पंचायत का प्राथमिक कार्य क्या है?
(क) राज्य स्तर की नीतियों का प्रबंधन
(ख) जिला स्तर की परियोजनाओं को देखना
(ग) स्थानीय गाँव के मुद्दों का संबोधन
(घ) राष्ट्रीय चुनाव कराना
उत्तर:
(ग) स्थानीय गाँव के मुद्दों का संबोधन
व्याख्या : ग्राम पंचायत गाँव स्तर पर स्थानीय स्व-शासन निकाय है जो कि स्थानीय मुद्दों के संबोधन के लिए जिम्मेदार है, जैसे सफाई, जल आपूर्ति तथा शिक्षा ।
प्रश्न 2.
पंचायती राज व्यवस्था का कौन-सा स्तर विभिन्न ग्राम पंचायतों के मध्य समन्वय के लिए जिम्मेदार है?
(क) ग्राम पंचायत
(ख) जिला परिषद
(ग) पंचायत समिति
(घ) राज्य सरकार
उत्तर:
(ग) पंचायत समिति
व्याख्या: पंचायत समिति विभिन्न ग्राम पंचायतों के मध्य समन्वय के लिए जिम्मेदार है।
प्रश्न 3.
ग्राम पंचायत में सरपंच की क्या भूमिका है?
(क) राज्य सभा में गाँव का प्रतिनिधित्व
(ख) ग्राम पंचायत का नेतृत्व तथा निर्णय लेना
(ग) जिले की वित्त व्यवस्था का प्रबंध
(घ) गाँव में शिक्षा प्रणाली
उत्तर:
(ख) ग्राम पंचायत का नेतृत्व तथा निर्णय लेना
व्याख्या : सरपंच ग्राम पंचायत का निर्वाचित मुखिया होता हैं जो बैठकों का नेतृत्व करता है तथा गाँव के लिए निर्णय लेता है।
प्रश्न 4.
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
(क) सरकारी कोटा पूरा करने के लिए
(ख) समान प्रतिनिधित्व व सशक्त बनाने के लिए
(ग) उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाने के लिए
(घ) पुरुष सदस्यों का कार्यभार कम करने के लिए
उत्तर:
(ख) समान प्रतिनिधित्व व सशक्त बनाने के लिए
व्याख्या : पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तर पर कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं, जैसे महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण ताकि समान प्रतिनिधित्व तथा महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।
प्रश्न 5.
पंचायती राज व्यवस्था के क्या लाभ हैं?
(क) राज्य सरकार में शक्ति का केंद्रीकरण
(ख) स्व- शासन तथा भागीदारी बढ़ाना
(ग) चुनावों की जरूरत को खत्म करता है
(घ) यह सिर्फ शहरी विकास पर केंद्रित है
उत्तर:
(ख) स्व- शासन तथा भागीदारी बढ़ाना
व्याख्या : पंचायती राज व्यवस्था स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाती है ताकि वे अपने मुद्दों का प्रबंधन कर सके तथा निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में भागीदार बने।
प्रश्न 6.
निम्न में से जिला परिषद की जिम्मेदारी कौन-सी नहीं है?
(क) जिला स्तर पर विकास परियोजना कार्य की देखरेख
(ख) ग्रामीणों से कर वसूलना
(ग) पंचायत समितियों के बीच समन्वय
(घ) स्थानीय विकास के लिए धन की व्यवस्था
उत्तर:
(ख) ग्रामीणों से कर वसूलना
व्याख्या : ग्रामीणों से कर वसूलना जिला परिषद की जिम्मेदारी नहीं है।
प्रश्न 7.
निम्न में से कौन-सी पहल स्थानीय शासन में बच्चों की भागीदारी को बढ़ाने में मदद करेगी?
(क) ग्राम सभा
(ग) जिला परिषद
(ख) बाल पंचायत
(घ) पंचायत समिति
उत्तर:
(ख) बाल पंचायत
व्याख्या : बाल पंचायत की पहल से बच्चों की भलाई से जुड़े मामलों पर स्वयं बच्चों को अपने विचार और राय रखने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 8.
आपदा प्रबंधन में पंचायती राज व्यवस्था किस प्रकार सहायक है?
(क) स्थानीय जरूरतों की अनदेखी कर
(ख) केंद्रीय नियंत्रण प्रदान कर
(ग) योजना तथा प्रतिक्रिया में स्थानीय समुदायों को शामिल कर
(घ) केवल शहरी क्षेत्रों पर केंद्रित रहकर
उत्तर:
(ग) योजना तथा प्रतिक्रिया में स्थानीय समुदायों को शामिल कर
व्याख्या: पंचायती राज व्यवस्था स्थानीय समुदायों को आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होने में सक्षम बनाती है।
प्रश्न 9.
ग्राम सभा का क्या महत्व है?
(क) यह सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की बैठक है
(ख) इसमें सभी वयस्क ग्रामीण मिलकर स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं
(ग) यह प्रशासनिक कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय है
(घ) यह ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए एक स्कूल हैं
उत्तर:
(ख) इसमें सभी वयस्क ग्रामीण मिलकर स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं
व्याख्या : ग्राम सभा में सभी वयस्क स्त्री एवं पुरुष अपने क्षेत्र से जुड़े सभी मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं और निर्णय लेते हैं।
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प्रश्न 10.
निम्न में से कौन पंचायती राज व्यवस्था के समक्ष मुख्य चुनौती है?
(क) उच्च स्तर पर सामुदायिक भागीदारी
(ख) ग्रामीणों का अपने अधिकारों के प्रति कम जागरूक होना
(ग) विभिन्न स्तरों के बीच प्रभावी बातचीत
(घ) कार्य परियोजना के लिए पर्याप्त धन
उत्तर:
(ख) ग्रामीणों का अपने अधिकारों के प्रति कम जागरूक होना
व्याख्या : कई ग्रामीण अपने अधिकारों तथा पंचायती राज व्यवस्था के कार्यों के बारे में जागरूक नहीं होते, जिससे शासन में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाती।
अभिकथन- कारण प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों में, अभिकथन (A) के बाद कारण (R) दिया गया है। सही विकल्प का चयन इस रूप में करें-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं लेकिन कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(ग) अभिकथन (A) सत्य है लेकिन कारण (R) असत्य है।
(घ) अभिकथन (A) असत्य है लेकिन कारण (R) सत्य है।
1. (A) : भारत में ग्राम पंचायत पंचायती राज व्यवस्था की मूल इकाई है। (R) : यह सीधे ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित होते हैं जिसमें का कार्य करती है। गाँव के सभी वयस्क शामिल होते हैं।
2. (A) : बाल हितैषी पंचायत पहल, स्थानीय शासन में हैं? बच्चों की भागीदारी बढ़ाएगी। (R) : यह बाल मजदूरी तथा बाल-श्रम जैसे मुद्दों को देखती है।
3. (A) : पंचायती राज व्यवस्था त्रिस्तरीय निकाय है। (R) : इसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति तथा जिला परिषद सम्मिलित हैं।
4. (A) : हाल के वर्षों में महिला सरपंचों की संख्या बढ़ी है। (R) : पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान है।
5. (A) : पंचायत समिति, ग्राम पंचायत तथा जिला परिषद करती है- के बीच कड़ी का कार्य करती है। (R) : यह विकास योजनाओं को लागू करने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में समन्वय करने के लिए जिम्मेदार नहीं है।
उत्तर:
1. (ख)
2. (क)
3. (क)
4. (क)
5. (ग)
स्थिति अध्ययन
निम्नलिखित स्त्रोतों को पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों का कड़ी का कार्य करती है। उत्तर दीजिए-
I. भारत के प्रत्येक गाँव की भाँति लक्ष्मणपुर के लोगों के पास भी ‘पंचायत’ नामक स्थानीय शासन व्यवस्था है, जिसे एक ग्रामीण परिषद कह सकते हैं। पंचायत, शासन को लोगों के समीप लाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी संभव बनाती है।
प्रश्न 1.
लक्ष्मणपुर गाँव की स्थानीय सरकार व्यवस्था को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
पंचायत
प्रश्न 2.
पंचायत का प्राथमिक कार्य क्या है?
उत्तर:
शासन को लोगों के करीब लाना।
प्रश्न 3.
पंचायत किस प्रकार शासन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाती है?
उत्तर:
पंचायत लोगों को निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में शामिल कर शासन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाती है। यह स्थानीय शासन को बढ़ावा देती है। ये जवाबदेह तथा समुदाय की जरूरतों के प्रति प्रतिक्रियावान होती है।
II. इसी प्रकार की संस्थाएँ खंड स्तर और जिला स्तर पर भी होती हैं जो कि ग्राम स्तर से ऊपर होती हैं। खंड स्तर पर पंचायत समिति ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी है। इन संस्थाओं के सदस्य स्थानीय लोगों द्वारा चुने जाते हैं, परंतु उसमें क्षेत्र के गाँवों के सरपंच और राज्य विधान सभा के स्थानीय सदस्य जैसे अन्य सदस्य भी हो सकते हैं।
प्रश्न 1.
पंचायत समिति की क्या भूमिका है?
उत्तर:
यह ग्राम पंचायत तथा जिला परिषद के बीच कड़ी
प्रश्न 2.
ग्राम पंचायत के समान संस्थाएँ किस स्तर पर मौजूद हैं।
उत्तर:
खंड स्तर और जिला स्तर
प्रश्न 3.
पंचायती राज की संरचना स्थानीय शासन के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?
(2)
उत्तर – पंचायती राज की संरचना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शासन के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण सुनिश्चित करती है। यह स्थानीय सरकार के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय करती है। यह संसाधन आवंटन तथा विकास परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देती है।
रिक्त स्थान भरिए
1. भारत में पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तर पर कार्य करती है- ……….. खंड तथा जिला ।
2. ग्राम पंचायत के मुखिया को ……….कहते हैं।
3. ग्राम सभा में गाँव के सभी …………….. शामिल होते हैं।
4. पंचायती राज संस्थाओं में ………… के लिए एक-तिहाई सीटें आरिक्षत हैं।
5. पंचायत समिति, …………. तथा जिला परिषद के बीच कड़ी का कार्य करती है।
उत्तर:
1. ग्राम
2. सरपंच
3. वयस्क
4. महिलाओं
5. ग्राम पंचायत
सत्य अथवा असत्य
1. पंचायती राज व्यवस्था सिर्फ शहरी क्षेत्र में होती है।
2. सरपंच, ग्राम सभा द्वारा चुना जाता है।
3. ग्राम सभा सभी स्थानीय मुद्दों पर संवाद तथा निर्णय करती है।
4. पंचायती राज में पंचायत समिति सबसे निचला स्तर है।
5. पंचायती राज में वंचित वर्गों की भागीदारी के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य
5. असत्य
मिलान कीजिए
| स्तंभ क | स्तंभ ख |
| ग्राम पंचायत | (क) ग्राम पंचायत का निर्वाचित मुखिया |
| सरपंच | (ख) ग्राम स्तर पर स्थानीय सरकार |
| पंचायत समिति | (ग) ग्राम पंचायत तथा जिला परिषद के मध्य कड़ी |
| जिला परिषद | (घ) जिला स्तर पर शासन |
| ग्राम सभा | (ङ) वयस्क ग्रामीणों की सभा |
उत्तर:
1. – (ख)
2. – (क)
3. – (ग)
4. – (घ)
5. – (ङ)