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मातृभूमि Class 6th Hindi Malhar Chapter 1 Question Answer
मातृभूमि Class 6 Question Answer
पाठ से
आइए, अब हम इस कविता पर विस्तार से चर्चा करें। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए—
प्रश्न 1.
हिंद महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है?
• चरण
• वंशी
• हिमालय
• सिंधु
उत्तर:
• सिंधु
प्रश्न 2.
मातृभूमि कविता में मुख्य रूप से—
• भारत की प्रशंसा की गई है।
• भारत के महापुरूषों की जय की गई है।
• भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।
• भारतवासियों की वीरता का बखान किया गया है।
उत्तर:
• भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।
(ख) अब आप अपने मित्रों से चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर :
(1) चरण शब्द का अर्थ पैर होता है। हिमालय एक पर्वत का नाम है। वंशी का अर्थ बाँसुरी होता है । सिंधु महासागर शब्द का पर्यायवाची होता है, अतः हिंद महासागर के लिए कविता में ‘सिंधु’ शब्द का प्रयोग किया गया है। यह उत्तर हमने इसलिए चुना।
(2) ‘मातृभूमि’ कविता में हिमालय, यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, यहाँ के महापुरुषों तथा देशवासियों की वीरता आदि सभी का वर्णन किया गया है। इसमें पूरे भारत के गौरव का गुणगान किया गया है। अतः हम कह सकते हैं कि इस कविता में मुख्य रूप से भारत की ही प्रशंसा की गई है।
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मिलकर करें मिलान
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

| शब्द | अर्थ या संदर्भ |
| 1. हिमालय | 1. एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक । |
| 2. त्रिवेणी | 2. वसुदेव के पुत्र वासुदेव । |
| 3. मलय पवन | 3. भारत की प्रसिद्ध नदियाँ। |
| 4. सिंधु | 4. तीन नदियों की मिली हुई धारा, संगम । |
| 5. गंगा-यमुना | 5. श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र । |
| 6. रघुपति | 6. दक्षिणी भारत के मलय पर्वत से चलने वाली सुगंधित वायु । |
| 7. श्रीकृष्ण | 7. एक प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ श्रीमद्भगवदगीता’ इसमें वे प्रश्न- उत्तर और संवाद हैं जो महाभारत में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए थे। |
| 8. सीता | 8. समुद्र, एक नदी का नाम। |
| 9. गीता | 9. जनक की पुत्री जानकी। |
| 10. गौतम बुद्ध | 10. भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत माला | |
उत्तर:
1 – 10,
2 – 4,
3 – 6,
4 – 8,
5 – 3,
6 – 5,
7 – 2,
8 – 9,
9 – 7,
10 – 1
पंक्तियों पर चर्चा
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-
“वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।
वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी । ”
उत्तर:
कवि ने भारत को ‘युद्ध भूमि मेरी’ कहा क्योंकि भारत की भूमि सदा संघर्ष की भूमि रही है यह हमें हर तरह के अभाव, अज्ञान और दुख से लड़ना सिखाती है। भारत पर कितने ही शासकों ने शासन किया लेकिन भारतीयों ने अपनी सभ्यता एवं संस्कृति पर आँच नहीं आने दी। कवि
भारत को बुद्धभूमि कहा क्योंकि महात्मा बुद्ध ने भारतीयों को प्रेम, दया एवं अहिंसा का संदेश दिया ताकि भारत में अखंडता न रहे।
आत्मसम्मान व आंतरिक लगाव के कारण कवि इसे मातृभूमि की संज्ञा देता है। अंत में कवि इस पावन धरती को जन्मभूमि कहा क्योंकि वह इसी धरती पर जन्मा है और उसे भारत की गौरवमयी धरती पर जन्म लेने पर अत्यधिक गर्व है।
सोच-विचार के लिए
(क) कविता को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
(i) कोयल कहाँ रहती है?
उत्तर :
कोयल अमराइयों (आम के बगीचों) में रहती है, जहाँ वह मधुर गीत गाती है।
(ii) तन-मन कौन सँवारती है?
उत्तर :
मलय पर्वत से आने वाली सुगंधित पवन तन-मन को सँवारती है।
(iii) झरने कहाँ से झरते हैं?
उत्तर :
झरने पहाड़ियों से झरते हैं, जहाँ वे कल-कल करते हुए बहते हैं।
(iv) श्रीकृष्ण ने क्या सुनाया था?
उत्तर :
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश सुनाया था।
(v) गौतम ने किसका यश बढ़ाया?
उत्तर :
गौतम बुद्ध ने दया, प्रेम और अहिसा का संदेश देकर भारत का यश बढ़ाया।
(ख) “नदियाँ लहर रही हैं
पग-पग छहर रही हैं”
‘लहर’ का अर्थ होता है- पानी का हिलोरा, मौज, उमंग, वेग, जोश।
‘छहर’ का अर्थ होता है- बिखरना, छितराना, छिटकना फैलना।
कविता पढ़कर पता लगाइए और लिखिए-
(1) कहाँ-कहाँ छटा छहर रही है?
(2) किसका पानी लहर रहा है?
उत्तर :
(1) प्रयागराज में जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों नदियों का मिलन होता है, उसके आस-पास दूर-दूर तक लहरों अर्थात धाराएँ छहर रही हैं अर्थात उनकी सुंदरता चारों ओर छिटककर, बिखरकर मन – मोह रही है।
(2) प्रयागराज में जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों नदियों का पानी लहरा – लहरा कर बह रहा है। ऐसा लगता है कि मानो ये तीनों नदियाँ मिलकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रही हैं।
कविता की रचना
गंगा यमुन त्रिवेणी
नदियाँ लहर रही हैं”
‘यमुन’ शब्द यहाँ ‘यमुना’ नदी के लिए आया है। कभी-कभी कवि कविता की लय और सौंदर्य को बढ़ाने के लिए इस प्रकार से शब्दों को थोड़ा बदल देते हैं। यदि आप कविता को थोड़ा और ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको और भी बहुत-सी विशेषताएँ पता चलेंगी। आपको जो विशेष बातें दिखाई दें, उन्हें आपस में साझा कीजिए और लिखिए। जैसे सबसे ऊपर इस कविता का एक शीर्षक है।
उत्तर-
छात्र-छात्राएँ अपने शिक्षक की मदद से समाधान करें।
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मिलान
स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैंौं मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए-

| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
| 1. वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी । | 1. यहाँ आम के घने उद्यान हैं जिनमें कोयल आदि पक्षी चहचहा रहे हैं। |
| 2. चिड़ियाँ चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। | 2. मैंने उस भूमि पर जन्म लिया है। वह भूमि मेरी माँ समान है। |
| 3. अमराइयाँ घनी हैं, कोयल पुकारती है। | 3. वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि पक्षी पेड़-पौधों के बीच प्रसन्नता से गीत गा रहे हैं। |
उत्तर:
1 – 2,
2. – 3,
3 – 1
अनुमान या कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए
(क) “अमराइयाँ’ घनी हैं
कोयल पुकारती है”
कोयल क्यों पुकार रही होगी? किसे पुकार रही होगी? कैसे पुकार रही होगी?
उत्तर :
वसंत श्रतु के आने से वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि कोयल प्रसन्न होकर मधुर गीत गाकर अपने साथी व्र अन्य कोयल साथियों को पुकार रही होगी। कोयल मीठी और लयबद्ध स्वर में पुकार रही होगी।
(ख) “बहती मलय पवन है,
तन मन सँवारती है”
पवन किसका तन-मन सँवारती है? वह यह कैसे करती है?
उत्तर :
पवन सभी जीव-जंतुओं और मानव का तन-मन सँचारती हैं। मलय पवन अपनी शीतल हवा और सुगंध से सभी औवों का शारीरिक और मानसिक ताजगी प्रदान करती हैं।
शब्दों के रूप
नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए
“जगमग छहा निराली,
पग पग छहर रही है”
इन पंक्तियों में पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम’ पर।
शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ लिखिए

उत्तर :
घर-घर : हर घर, प्रत्येक घर। जैसे-“घर-घर में त्योहार की ध़म म्नं है।” अर्थात् हर घर में त्योहार का जश्न मनाया जा रहा है।
बाल-बाल : बहुत ही मुश्किल से संकट से बचना, बहुत ही कठिनाई से संकट से बचना; जैसे- ‘वह बाल-बाल बच गया।” तात्पर्य यह है कि वह बड़ी ही कठिनाई से संकट से बचा।
साँस-साँस :हर साँस, प्रत्येक साँस; जैसे-‘साँस-साँस में ईश्वर का नाम लेती हूँ।” तात्पर्य यह है कि हर साँस में ईश्वर को याद करती हूँ। देश-देश हर देश, अनेक देश। जैसे-‘उसने देश-देश की यात्रा की है।” तात्पर्य यह है कि उसने विभिन्न देशों की यात्रा की है।
पर्वत-पर्वंत : हर पर्वत, अनेक पर्वत। जैसे- “पर्वत-पर्वत की ऊँचाइयाँ नापी है।” तात्पर्य यह है कि उसने विभिन्न पर्वतों की ऊँचाइयाँ नापी है।
(ख) “वह युद्ध-भूमि मेरी
वह बुद्ध-भूमि मेरी”
कविता में ‘भूमि’ शब्द में अलग-अलग शब्द जोड़कर नए-नए शब्द बनाए गए हैं। आप भी नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ पता कीजिए—
(संकेत — तप, देव, भारत, जन्म, कर्म, कर्तव्य, मरु, मलय, मल्ल, यज्ञ, रंग, रण, सिद्ध आदि)

उत्तर:

थोड़ा भिन्न, थोड़ा समान
नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए-
“जग को दया सिखाई,
जग को दिया दिखाया।”
‘दया’ और ‘दिया’ में केवल एक मात्रा का अंतर है, लेकिन इस एक मात्रा के कारण शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया है। आप भी अपने समूह में मिलकर ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जिनमें केवल एक मात्रा का अंतर हो, जैसे घड़ा -घड़ी।
उत्तर:
चाँद-चाँदी, घट-घाट, चना-चीन, मेला – मैला, दान – दिन
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पाठ से आगे
आपकी बात
(क) इस कविता में भारत का सुंदर वर्णन किया गया है। आप भारत के किस स्थान पर रहते हैं? वह स्थान आपको कैसा लगता है? उस स्थान की विशेषताएँ बताइए ।
(संकेत – प्रकृति, खाद्यान्न, जलवायु, प्रसिद्ध स्थान)
उत्तर :
हम दिल्ली में रहते हैं। यह हमारे भारतवर्ष की राजधानी है। बढ़ती जनसंख्या के कारण पेड़ों की कटाई की जा रही थी। खेतों, मैदानों के स्थान भी कंकरीट में बदलते जा रहे थे। इस कारण इसकी प्राकृतिक सुंदरता कुछ कम हो गई थी, परंतु अब झीलों, उद्यानों का नवीनीकरण, नए-नए पुलों, मेट्रो के निर्माण से मेरी दिल्ली सुंदर बनती जा रही है। यहाँ भारत के सभी प्रांतों के लोग रहते हैं। इसलिए खान-पान में भी बहुत विविधता है। हम सभी शांतिपूर्वक मिल-जुलकर यहाँ के बदलते मौसम का आनंद लेते हैं। यहाँ लाल किला, इंडिया गेट, रेल म्यूजियम, अक्षरधाम, कमल मंदिर आदि दर्शनीय स्थल हैं।
(ख) अपने परिवार के किसी सदस्य या मित्र के बारे में लिखिए। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको अच्छी लगती हैं ?
उत्तर:
मुझे अपने परिवार की सदस्य माँ की अनेक बातें बहुत अच्छी लगती है। वह हमारा पालन-पोषण भली-भाँति करती है। हमें बहुत प्यार करती है। हमें हमारा मनपसंद खाना खिलाती है। हमें अच्छी आदतें सिखाती है तथा कभी डाँटती नहीं है।
वंशी – से
“श्रीकृष्ण ने सुनाई,
वंशी पुनीत गीता”
‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह से फूँककर बजाया जाने वाला ‘वाद्य’ यानी बाजा है। नीचे फूँककर बजाए जाने वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए वाद्यों के नामों का शब्द-जाल


उत्तर :
अलगोजा, बीन, वाँसुरी, सींगी, शहनाई, नादस्वरम, भंकोरा, शंख
आज की पहेली
आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। आप इन्हें मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए । अक्षरों को आगे-पीछे किया जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता है। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। पहला शब्द हमने आपके लिए पहले ही बना दिया है।

उत्तर:


झरोखे से
आप अपने विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गाते होंगे। ‘वंदे मातरम्’ बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था। यह गीत स्वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। भारत में इसका स्थान ‘जन गण मन’ के समान है। क्या आप इसका अर्थ जानते-समझते हैं? आइए, आज हम पहले इसका अर्थ समझ लेते हैं, फिर समूह में चर्चा करेंगे-

आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी पर इसे संगीत के साथ सुन भी सकते हैं—
https://knowindia.india.gov.in/hindi/national-identity-elements/national-song.php
साझी समझ
आपने ‘मातृभूमि’ कविता को भी पढ़ा और ‘वंदे मातरम्’ को भी अब कक्षा में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि इन दोनों में कौन-कौन सी बातें एक जैसी हैं और कौन-कौन सी बातें कुछ अलग हैं।
उत्तर:
विविधता : ‘मातृभूमि’ कवित में भूमि को अनेक नामों से संबोधित किया गया है–स्वर्ण भूमि जन्म भूमि, कर्म भूमि, धर्म भूमि आदि।
समानता : दोनों कविताओं में भूमि के प्रति सम्मान का भाव प्रकट किया गया है।
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पुष्प की अभिलाषा
चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ,
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड़ देना वनमाली!
उस पथ में देना तुम फेंक।
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने,
जिस पथ जावें वीर अनेक ।
— माखनलाल चतुर्वेदी
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 वह चिड़िया जो (Old Syllabus)
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास
कविता से
प्रश्न 1.
कविता पढ़कर तुम्हारे मन में चिड़िया का जो चित्र उभरता है उस चित्र को कागज़ पर बनाओ।
उत्तर-
कविता पढ़कर हमारे मन में निम्नलिखित चित्र उभरते हैं-
- वह नीले पंखोंवाली सुंदर चिड़िया है।
- चिड़िया मधुर स्वर में जंगल में गाती है।
- वह बहती नदी का पानी पीती है।
- चिड़िया का आकार छोटा है।
- उसे आज़ादी बहुत पसंद है।
प्रश्न 2.
तुम्हें कविता का कोई और शीर्षक देना हो तो क्या शीर्षक देना चाहोगे? उपयुक्त शीर्षक सोचकर लिखो।
उत्तर-
‘नन्ही चिड़िया’, ‘सुंदर चिड़िया’ या ‘परिश्रमी चिड़िया’
प्रश्न 3.
इस कविता के आधार पर बताओ कि चिड़िया को किन-किन चीज़ों से प्यार है?
उत्तर-
इस कविता के आधार पर ज्ञात होता है कि चिड़िया को दूध भरे अनाज के दानों, नदी तथा जंगल से प्यार है। चिड़िया जुडी के दाने एवं अन्य अनाज के दानों को खाना पसंद करती है। इस चिड़िया को गीत गाना पसंद है। जंगल से इसे बहुत प्यार है। यह नदी से भी बहुत प्यार करती है।
प्रश्न 4.
आशय स्पष्ट करो
(क) रस उँडेलकर गा लेती है।
(ख) चढ़ी नदी का दिल टटोलकर जल का मोती ले जाती है।
उत्तर-
(क) चिड़िया जंगल में जब अकेली होती है, तब वह बिना किसी डर और संकोच के उन्मुक्त भाव से गाती है। वह मधुर स्वर में गाती है। उसके स्वर की मधुरता वातावरण में रस घोल देती है।
(ख) छोटी चिड़िया चढ़ी हुई नदी से बिलकुल भी नहीं घबराती है। वह उफनती नदी के बीच से अपनी चोंच में पानी की बूंद लेकर उड़ जाती है। यानी लबालब भरी नदी की जलराशि का अनुमान लगाकर उस जलराशि में से जल का मोती निकाल लाती है अर्थात उसी पानी से चिड़िया अपनी प्यास बुझाती है, इसीलिए पानी मोती की तरह अमूल्य है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
कवि ने नीली चिड़िया का नाम नहीं बताया है। वह कौन सी चिड़िया रही होगी? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए पक्षी-विज्ञानी सालिम अली की पुस्तक ‘भारतीय पक्षी’ देखो। इनमें ऐसे पक्षी भी शामिल हैं जो जाड़े में एशिया के उत्तरी भाग और अन्य ठंडे देशों से भारत आते हैं। उनकी पुस्तक को देखकर तुम अनुमान लगा सकते हो कि इस कविता में वर्णित नीली चिड़िया शायद इनमें से कोई एक रही होगी-
नीलकंठ
छोटा किलकिला
कबूतर
बड़ा पतरिंगा
उत्तर-
इस कविता में वर्णित नीली चिड़िया शायद नीलकंठ रही होगी, क्योंकि उसके शरीर के ज्यादातर भाग का रंग नीला आकार छोटा तथा आवाज़ मीठी होती है।
प्रश्न 2.
नीचे कुछ पक्षियों के नाम दिए गए हैं। उनमें यदि कोई पक्षी एक से अधिक रंग का है तो लिखो, कि उसके किस हिस्से का रंग कैसा है। जैसे तोते की चोंच लाल है, शरीर हरा है।
- मैना
- कौआ
- बैतखे
- कबूतर
उत्तर-
- मैना- मैना के पंख भूरे व सफ़ेद रंग के होते हैं। उनकी टाँगें हलकी लाल होती हैं।
- कौआ- कौआ का पूरा शरीर काला होता है।
- बतख- बतख सफ़ेद रंग का होता है। इसके पैर हल्के गुलाबी रंग के होते हैं।
- कबूतर- कबूतर का रंग स्लेटी सफ़ेद होता है। गरदन कुछ-कुछ नीले रंग की होती है। इसकी टाँगे लाल होती हैं।
प्रश्न 3.
कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो-‘ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है’ पर खत्म होता है। तुम भी इन। पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो।
उत्तर-
वह चिड़िया जो
चींची करके
सबका मन बहलाती है।
नील गगन की सीमा पाने
पंख पसारे उड़ जाती है।
अपना घर बनाने के लिए।
घास के तिनके लाती है।
वह परिश्रमी चिड़िया सबको
परिश्रम का पाठ सिखाती है।
प्रश्न 4.
तुम भी ऐसी कल्पना कर सकते हो कि ‘वह फूल का पौधा जो-पीली पंखुड़ियों वाला-महक रहा है, मैं हूँ। उसकी विशेषताएँ मुझ में हैं …। फूल के बदले वह कोई दूसरी चीज़ भी हो सकती है जिसकी विशेषताओं को गिनाते हुए तुम उसी चीज़ से अपनी समानता बता सकते हो … ऐसी कल्पना के आधार पर कुछ पंक्तियाँ लिखो।
उत्तर-

भाषा की बात
प्रश्न 1.
पंखोंवाली चिड़िया
नीले पंखोंवाली चिड़िया
ऊपरवाली दराज
सबसे ऊपरवाली दराज़
यहाँ रेखांकित शब्द विशेषण का काम कर रहे हैं। ये शब्द चिड़िया और दराज संज्ञाओं की विशेषताएँ बता रहे हैं, अतः | रेखांकित शब्द विशेषण हैं और चिड़िया, दराज विशेष्य हैं। यहाँ ‘वाला/वाली’ जोड़कर बनने वाले कुछ और विशेषण दिए गए हैं। ऊपर दिए गए उदाहरणों की तरह इनके आगे एक-एक विशेषण और जोड़ो।
……. मोरोंवाला बाग
………….. पेड़ोंवाला घर।
…………… फूलोंवाली क्यारी
…………. स्कूलवाला रास्ता।
…………. हँसनेवाला बच्चा
………… मूंछोंवाला आदमी।
उत्तर-
सुनहरे मोरोंवाला बाग-सुनहरे मोरोंवाली बाग
हरे-भरे पेड़ोंवाला बाग-हरे-भरे पेड़ोंवाला बाग
पीले फूलोंवाली क्यारी-पीले फू लोंवाली क्यारी
महात्मा गांधी स्कूलवाला रास्ता महात्मा गांधी स्कूलवाला रास्ता
अधिक हँसनेवाला बच्चा-अधिक हँसनेवाला बच्चा।
घनी-मूछोंवाला आदमी-घनी मूछोंवाला आदमी
प्रश्न 2.
वह चिड़िया ………….. जुडी के दाने रुचि से …….. खा लेती है।
वह चिड़िया …………… रेस उँडेलकर गा लेती है।
कविता की इन पंक्तियों में मोटे छापे वाले शब्दों को ध्यान से पढ़ो। पहले वाक्य में रुचि से खाने के ढंग की और दूसरे वाक्य में ‘रस उँडेलकर’ गाने के ढंग की विशेषता बता रहे हैं। अतः ये दोनों क्रियाविशेषण हैं। नीचे दिए वाक्यों में कार्य के ढंग या रीति से संबंधित क्रियाविशेषण शब्द छाँटो
- सोनाली जल्दी-जल्दी मुँह में लड्डू ठूसने लगी।
- गेंद लुढ़कती हुई झाड़ियों में चली गई।
- भूकंप के बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।
- कोई सफ़ेद-सी चीज़ धप्प-से आँगन में गिरी।
- टॉमी फुर्ती से चोर पर झपटा।
- तेजिंदर सहमकर कोने में बैठ गया।
- आज अचानक ठंड बढ़ गई है।
उत्तर-
- जल्दी-जल्दी
- लुढ़कती हुई।
- धीरे-धीरे
- धप्प से
- फुर्ती से
- सहमकर
- अचानक
अन्य पाठेतर हल प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) चिड़िया आनंदपूर्वक क्या खाती है?
(i) दूध भरे गेहूँ के दाने
(ii) दूध भरे मक्का के दाने
(iii) दूध भरे ज्वार के दाने
(iv) दूध भरे धान
(ख) चिड़िया के पंख के रंग कैसे हैं?
(i) लाल
(ii) पीले
(iii) नीले
(iv) काले
(ग) चिड़िया को पसंद है-
(i) फल
(ii) सब्ज़ी
(iii) अनाज़ के दाने
(iv) मिठाई
(घ) चिड़िया किसके लिए गाती है?
(i) नदियों के लिए
(ii) संगीत प्रेमियों के लिए
(iii) जंगल के लिए।
(iv) अपने मित्र के लिए
(ङ) चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
(i) नदी से
(ii) जंगल से
(iii) अन्न से
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(क) (iii)
(ख) (iii)
(ग) (iii)
(घ) (iii)
(ङ) (iv)
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
चिड़िया के पंख किस रंग के हैं?
उत्तर-
चिड़िया के पंख नीले रंग के हैं।
प्रश्न 2.
चिड़िया कहाँ से मोती ले जाती है?
उत्तर-
चिड़िया नदियों के उफनते जल से मोती ले जाती है।
प्रश्न 3.
चिड़िया किसके दाने खाती है?
उत्तर-
चिड़िया जुडी के दाने खाती है।
प्रश्न 4.
अनाज के दाने किससे भरे हुए हैं?
उत्तर-
अनाज के दाने दूध से भरे हुए हैं।
प्रश्न 5.
चिड़िया का स्वभाव कैसा है?
उत्तर-
चिड़िया का स्वभाव संतोषी है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
इस कविता में नीले पंखोंवाली एक छोटी-सी चिड़िया का वर्णन है। इस चिड़िया का स्वभाव संतोषी है। थोड़े से दाने इसके लिए पर्याप्त हैं। यह मुँह बोली है। यह एकांत में उमंग से गाती है। यह गरबीली भी है। इसे अपने साहस और हिम्मत पर गर्व है।
प्रश्न 2.
चिड़िया किससे प्यार करती है और क्यों?
उत्तर-
इस छोटी चिड़िया को अन्न से प्यार है। यह जुडी के दाने बड़े मन से खाती है। उसे विजन से प्यार है। उसे नदी से भी प्यार है। एकांत जंगल में वह मधुर स्वर में गाती है। वह उफनती नदी की बीच धारा से जल की बूंदें अपनी चोंच में लेकर उड़ जाती है।
प्रश्न 3.
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
उत्तर-
चिड़िया अपना जीवन प्रेम, उमंग और संतोष के साथ व्यतीत करती है। वह सबसे प्रेम करती है। एकांत में भी उमंग से रहती है। वह संतोषी है। वह थोड़े में ही संतोष करती है। आजाद होने की वजह से वह मीठे स्वर में गाती है। उसका स्वर बहुत मीठा है। वह गाते और उड़ते हुए अपना पूरा जीवन व्यतीत करती है।
प्रश्न 4.
चिड़िया के गायन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-
वह छोटी चिड़िया खुले गले से बहुत ही मीठी आवाज़ में गाती है, उसके गाने वातावरण में रस घोल देते हैं। वह अपने गीत जंगल को समर्पित कर देती है।
प्रश्न 5.
चिड़िया के माध्यम से कवि हमें क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर-
कवि चिड़िया के माध्यम से खुशी से जीने का संदेश हमें देते हैं। चिड़िया के माध्यम से हमें सीख मिलती है कि हमें थोड़े में ही संतोष करना चाहिए। इस कविता में अकेले रहकर भी उमंग से जीने का संदेश दिया गया है। इसके साथ ही कवि हमें बताते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी हमें साहस नहीं खोना चाहिए। हमें अपनी क्षमता को भी पहचानना चाहिए।