Parents encourage the use of NCERT Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 चतुर चित्रकार कविता के प्रश्न उत्तर Chatur Chitrakar Kavita Poem Question Answer Pdf for better language learning.
Chatur Chitrakar Class 5 Question Answer
Class 5 Hindi Chatur Chitrakar Question Answer
कक्षा 5 हिंदी पाठ 6 प्रश्न उत्तर – Class 5 Hindi Chapter 6 Chatur Chitrakar Poem Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
चित्रकार की कौन-सी विशेषता आपको सबसे अधिक अच्छी लगी और क्यों ?
उत्तर:
चित्रकार की समय के अनुसार उचित निर्णय लेने की विशेषता मुझे सबसे अधिक अच्छी लगी, क्योंकि अगर वह उचित समय पर सही निर्णय नहीं लेता तो वह शेर का शिकार बन जाता। उसने विपत्ति आने पर जल्द-से-जल्द अपने को सँभाला तथा उससे छुटकारा पाया । यहाँ विपत्ति शेर के रूप में उसके सामने खड़ी थी।
प्रश्न 2.
शेर ने चित्रकार को ‘कायर – डरपोक’ कहा। क्या आपको लगता है कि चित्रकार वास्तव में कायर और डरपोक था या वह चतुर और समझदार था ? अपने उत्तर का कारण बताइए ।
उत्तर:
चित्रकार शेर की पकड़ से आसानी से निकल गया था, इसी खीज के कारण उसने उसे (चित्रकार को) कायर – डरपोक कहा। मगर हकीकत में चित्रकार चतुर और समझदार था। अगर चित्रकार कायर और डरपोक होता तो वह शेर को देखकर कुछ भी नहीं कर पाता। उसके हाथ-पाँव फूल जाते। इसके विपरीत उसने इस विकट स्थिति में स्वयं को सँभाला तथा इस विपत्ति पर विजय प्राप्त की। यह बात उसकी चतुराई एवं समझदारी को दर्शाती है ।
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प्रश्न 3.
आपके अनुसार ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनका निरंतर अभ्यास करने से उनमें कुशलता बढ़ जाती है ?
उत्तर:
निरंतर अभ्यास से कुशलता में वृद्धि प्राप्त करने वाले कुछ प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं – चित्रकला एवं मूर्तिकला, गीत एवं संगीत, नृत्य कला, विभिन्न प्रकार के खेल-कूद, चिकित्सा एवं वकालत जैसे पेशे आदि ।
प्रश्न 4.
यदि झील के किनारे नाव न होती तो चित्रकार शेर से अपनी जान बचाने के लिए क्या उपाय करता ?
उत्तर:
झील – किनारे नाव नहीं होने पर चित्रकार शेर से अपनी जान बचाने के लिए उससे नज़र बचाकर किसी ऊँचे पेड़ पर चढ़ जाता तथा अपने पास पेड़ की कोई बड़ी शाखा तोड़कर रखता, जिससे शेर के संयोग से पेड़ पर चढ़ने की स्थिति में उसे उससे डराया जा सके। ऐसा करने से चित्रकार की जान बचने की संभावना काफ़ी अधिक होती। कारण कि शेर ऊँचे पेड़ों पर सामान्यतः नहीं चढ़ पाते हैं। (आप कोई अन्य उत्तर भी लिख सकते हैं ।)
पाठ से
नीचे दिए गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरों पर तारे का चित्र
बनाइए-
प्रश्न 1.
चित्रकार ने जंगल के किस स्थान पर चित्र बनाना शुरू किया?
(क) नदी के किनारे
(ख) सुनसान जगह
(ग) पेड़ों के नीचे
(घ) पहाड़ की चोटी पर
उत्तर:
(ख) सुनसान जगह ![]()
प्रश्न 2.
यमराज का मित्र किसे कहा गया है?
(क) शेर को
(ख) चित्रकार को
(ग) नाविक को
(घ) शिकारी को
उत्तर:
(क) शेर को ![]()
प्रश्न 3.
चित्रकार ने शेर से अपने प्राण कैसे बचाए?
(क) धैर्य और चतुराई से
(ख) क्रोध और शक्ति से
(ग) डर और घबराहट से
(घ) अहंकार और गर्व से
उत्तर:
(क) धैर्य और चतुराई से ![]()
प्रश्न 4.
चित्रकार ने शेर को पीठ फेरकर बैठने के लिए क्यों कहा?
(क) ताकि वह शेर की पीठ का चित्र बना सके।
(ख) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके।
(ग) ताकि शेर आराम से बैठ सके।
(घ) ताकि शेर के साथ आँख-मिचौनी खेल सके।
उत्तर:
(ख) ताकि वह भागने की योजना पूरी कर सके। ![]()
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सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
प्रश्न 1.
चित्रकार जिस वातावरण में चित्र बना रहा था, उसका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
चित्रकार एक सुनसान जगह पर झील के किनारे नदी, पहाड़ तथा पेड़-पौधों के चित्र बना रहा था। वहाँ पास में एक जंगल भी था। वहाँ कई प्रकार के पशु-पक्षी थे, जो पानी पीने के लिए प्रायः झील पर आते थे। तभी वहाँ एक शेर आ गया, जिसे देखकर चित्रकार के होश उड़ गए।
प्रश्न 2.
चित्रकार ने शेर को जंगल में चित्रकला का अभ्यास करने के लिए क्यों कहा होगा?
उत्तर:
शेर हाथ से निकल चुके चित्रकार को पुन: पकड़ने की कोशिश में कहता है कि तुम ज़रा ठहर जाओ तथा अपना यह कलम-कागज़ लेते जाओ। ये तुम्हारे पीछे यहाँ छूटे जा रहे हैं। शेर की यह चाल चित्रकार समझ रहा था । इसलिए उसने उसकी बात को टालने के लिए कहा कि इन्हें आप अपने पास रखिए तथा जंगल में चित्रकला का अभ्यास कीजिए।
प्रश्न 3.
आपको इस कविता की कौन-सी घटना सबसे रोचक लगी?
उत्तर:
मुझे इस कविता की वह घटना सबसे रोचक लगी, जब चित्रकार शेर को चुपचाप देखकर उसे चित्र बनाने के लिए बैठ जाने के लिए कहता है। इस पर शेर उसकी ओर मुँह करके उकडू बैठ जाता है।
प्रश्न 4.
चित्रकार ने शेर से बचने के लिए क्या किया?
उत्तर:
चित्रकार ने शेर से बचने के लिए उसे सुंदर चित्र बनाने के लिए अपने सामने बैठा लिया। फिर थोड़ी देर बाद उसके पिछले भाग का चित्र बनाने के लिए उसे अपनी ओर पीठ करके बैठने को कहा तथा उसके ऐसा करने पर चुपचाप उस स्थान से भागकर झील – किनारे लगी नाव पर बैठ गया। फिर बाँस से नाव को जल्दी-जल्दी चलाकर शेर की पहुँच से दूर निकल गया।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
चित्रकार ने शेर को ‘जंगल के सरदार’ नाम से क्यों पुकारा होगा?
उत्तर:
शेर को जंगल का राजा कहा जाता है। चित्रकार शेर से बचने के लिए उसका मुँह अपने से विपरीत करना चाहता था ताकि शेर उसे वहाँ से खिसकता हुआ न देख सके। इसलिए शेर को खुश करने के लिए चित्रकार उसे ‘जंगल के सरदार’ कहकर उसकी खुशामद कर रहा होगा। ताकि शेर खुश होकर उसका कहा मान ले।
प्रश्न 2.
यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो क्या होता?
उत्तर:
यदि चित्रकार जंगल में रुक जाता और शेर से मित्रता करने का प्रयत्न करता तो इसकी कोई गारंटी नहीं होती कि वह उससे मित्रता करता या उसकी मित्रता कितने दिन चलती, क्योंकि शेर एक जंगली तथा हिंसक जानवर है। वह कभी भी चित्रकार को मार देता । (आप अन्य उत्तर भी लिख सकते हैं।)
प्रश्न 3.
यदि शेर को भी चित्रकला में रुचि होती तो वह कौन-से चित्र बनाना पसंद करता ?
उत्तर:
यदि शेर को चित्रकला में रुचि होती तो वह अपने परिवार, जंगल के सुंदर नज़ारें, शिकार करते समय की तसवीरें स्वयं की ताजपोशी आदि चित्र बनाना पसंद करता ।
प्रश्न 4.
यदि चित्रकार के स्थान पर आप होते तो शेर से बचने के लिए क्या करते?
उत्तर:
यदि चित्रकार के स्थान पर मैं होता तो शेर से बचने के लिए मैं भी चित्रकार जैसा ही करता।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इनमें छिपे मुहावरे पहचानिए और उनके नीचे रेखा खींचिए-
उत्तर:
(क) “उसे देखकर चित्रकार के तुरंत उड़ गए होश ।”
(ख) “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश।”
(ग) “चित्रकार ने नाव पकड़कर ली जी भर के साँस ।”
(घ) “इधर शेर था धोखा खाकर, झुंझलाहट में चूर ।”
प्रश्न 2.
अब इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए अपने मन से नए-नए वाक्य बनाइए ।
उत्तर:
(क) उड़ गए होश – परीक्षा का कठिन पेपर देखकर छात्रों के होश उड़ गए।
(ख) रह न गया कुछ जोश-विरोधी की ताकत देखकर सैनिकों में रह न गया कुछ जोश।
(ग) ली जी भर के साँस अस्पताल से ठीक होकर लौटे बेटे को देखकर माँ ने जी भर के साँस ली।
(घ) धोखा खाकर – राघव ने व्यापारी से धोखा खाकर आगे से हर सौदे में सावधानी बरतने का निश्चय किया।
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प्रश्न 3.
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
- इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र ।
- चित्रकार चुपके से खिसका, जैसे कोई चोर ।
- जल्दी-जल्दी नाव चलाकर निकल गया वह दूर ।
इन पंक्तियों में जिन शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है, वे क्रिया शब्द हैं जिन्हें ‘आने’ या ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
- आ गया’ शब्द का प्रयोग अचानक आने को दर्शाने के लिए किया गया है।
- ‘खिसका’ शब्द ‘ धीरे-धीरे हटने ‘ या ‘ बिना किसी को पता लगे’ जाने का भाव प्रकट करता है।
- ‘निकल गया’ शब्द तेज़ी से दूर जाने का संकेत देता है।
‘आने’ और ‘जाने’ के कार्य को बताने के लिए इसी प्रकार के अनेक क्रिया शब्दों का प्रयोग किया जाता है। आगे दिए गए ऐसे ही क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए-

उत्तर:
| आने के लिए क्रिया शब्द | जाने के लिए क्रिया शब्द |
| आना – वह मेरे पास आया | निकल पड़ना – मैं साहसिक यात्रा के लिए निकल पड़ा। |
| पहुँचना – वह एक महीने बाद कल घर पहुँचा | रवाना होना-ट्रेन ठीक 10 बजे भोपाल के लिए रवाना हुई। |
| दाखिल होना–डॉक्टर जनरल वॉर्ड में दाखिल हुए। | उड़ना – आज से चिड़िया का बच्चा उड़ने लगा है। |
| प्रवेश करना – दादा जी ने बैठक में प्रवेश किया। | फ़िसलना-असावधानी के कारण मैं फ़र्श पर फिसल गया। |
| उपस्थित होना—तुम्हें कल सभा में उपस्थित होना है। | खिसकना – गिरने से उसके कमर की हड्डी खिसक गई । |
प्रश्न 4.
“ फिर उसको कुछ हिम्मत आई, देख उसे चुपचाप”
उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए । यहाँ जिन शब्दों को रेखांकित किया गया है, वे शब्द संज्ञा शब्दों क्रमशः ‘चित्रकार’ और ‘शेर’ के लिए प्रयुक्त हुए हैं। आप जानते ही होंगे कि संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले ऐसे शब्दों को ‘सर्वनाम’ कहते हैं।
अब नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित संज्ञा शब्दों को हटाकर उचित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कीजिए-
(क) फिर शेर को चुपचाप देखकर चित्रकार को कुछ हिम्मत आई। → फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) चित्रकार जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया → ……… जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) चित्रकार नाव में बैठ गया। → ……… नाव में बैठ गया ।
(घ) शेर बहुत गुस्से में था। → ………. बहुत गुस्से में था ।
(ङ) चित्रकार और शेर के बीच वार्तालाप हुआ। → ……… के बीच वार्तालाप हुआ।
उत्तर:
(क) फिर शेर को चुपचाप देखकर चित्रकार को कुछ हिम्मत आई। → फिर उसे चुपचाप देखकर उसको कुछ हिम्मत आई।
(ख) चित्रकार जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया → वह जल्दी-जल्दी नाव चलाकर दूर निकल गया।
(ग) चित्रकार नाव में बैठ गया। → वह नाव में बैठ गया ।
(घ) शेर बहुत गुस्से में था। → वह बहुत गुस्से में था ।
(ङ) चित्रकार और शेर के बीच वार्तालाप हुआ। → उन के बीच वार्तालाप हुआ।
कविता से कहानी
प्रश्न 1.
‘चतुर चित्रकार’ कविता में आपने शेर और चित्रकार की कहानी का आनंद लिया। अब इस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
एक दिन एक चित्रकार अकेले जंगल की सुनसान जगह में बैठकर चित्र बना रहा था। तभी अचानक वहाँ यमराज का मित्र जैसा डरावना शेर आ गया। शेर को देखकर चित्रकार के होश उड़ गए और उसका सारा जोश एकदम ठंडा पड़ गया।
पर थोड़ी देर बाद चित्रकार ने खुद को सँभाला और डर छिपाकर शेर से बोला, “आइए, मैं आपका सुंदर चित्र बनाना चाहता हूँ, आप ज़रा बैठ जाइए। ” शेर उकडू- मुकडू हुआ और अपने सारे अंग समेटकर बैठ गया। वह बड़े ध्यान से चित्रकार को देखने लगा। चित्रकार ने कुछ समय बाद कहा, “ चित्र तैयार हो गया है, अब ज़रा पीठ उधर कर लीजिए ताकि मैं पीछे का चित्र भी बना सकूँ। ” शेर उसकी बात मानकर पीठ घुमाकर बैठ गया।
अब मौका देखकर चित्रकार धीरे-से वहाँ से खिसक लिया। पास ही झील – किनारे एक नाव और एक बाँस रखा था। चित्रकार ने झट से नाव पकड़ी, जी भर के साँस ली और तेज़ी से नाव चलाकर वहाँ से दूर निकल गया।
उधर शेर अब भी आँखें बंद किए बैठा रहा। उसे जब काफ़ी देर हो गई और कोई आवाज़ नहीं आई, तो उसे शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है। उसने जब पीछे मुड़कर देखा, तो चित्रकार वहाँ नहीं था। अब शेर को समझ आ गया कि चित्रकार ने उसे धोखा दे दिया है।
शेर बहुत गुस्से में चिढ़कर चिल्लाया, “ अरे डरपोक ! कम-से-कम अपनी कलम और कागज़ तो ले जा! इन्हें यहीं छोड़ गया?”
तब दूर से चित्रकार ने जवाब दिया, “आप ही रखिए ! अब आप ही चित्रकला का अभ्यास कीजिए जंगल में।”
प्रश्न 2.
इस कहानी के अंत में चित्रकार नाव में बैठकर दूर चला जाता है। अपनी कल्पना से इस कहानी का अंत बदलकर लिखिए। उदाहरण के लिए-

उत्तर:
• चित्रकार शेर से मित्रता कर लेता है।
चित्रकार पूरे साहस के साथ शेर का चित्र पूरा करता है । वह बोला, “ जंगल के सरदार! आपका चित्र बनाते हुए मुझे एहसास हुआ कि आप शक्तिशाली होने के साथ – साथ बहुत शांत और धैर्यवान भी हैं। क्या आप मेरे मित्र बनेंगे ?” शेर ने हैरानी से उसकी ओर देखकर कहा, आज तक सब मुझसे डरकर भाग जाते थे, तुम पहले हो जिसने निडरता से मेरी ओर मित्रता का हाथ बढ़ाया है।” शेर ने तुरंत चित्रकार से हाथ मिला लिया।
• शेर चित्र बनाने में चित्रकार की सहायता करता है।
चित्रकार शेर का चित्र बनाने में लीन था। शेर उसके द्वारा बनाए जा रहे चित्र को देखता जा रहा था । तभी वह बोला, “काश ! मैं भी तुम्हारी तरह इतना सुंदर चित्र बना पाता । ” चित्रकार चौंक गया। उसने शेर की आँखों में छिपा हुआ कलाकार ढूँढ़ लिया । वह मुसकराया और बोला, “जिस प्रकार तुम इस जंगल को पहचानते हो, उतनी खूबसूरती से मैं नहीं जानता । यह पकड़ो ब्रश और अपनी कल्पना को पंख दो।” इस प्रकार शेर चित्र पूरा करने में चित्रकार की सहायता करता है और अद्भुत चित्र बनाता है।
बातचीत
नीचे दी गई शेर और चित्रकार के मध्य बातचीत को अपनी कल्पना से पूरा कीजिए-

उत्तर:

तुलना
चित्रकार और शेर की विशेषताओं की तुलना कीजिए और उचित स्थान पर सही (✓) या गलत (✗) का चिह्न लगाइए-

उत्तर:

पाठ से आगे
प्रश्न 1.
चित्रकार अपनी चतुराई का प्रयोग करके संकट से बच गया था। क्या कभी आपने किसी संकट का सामना करने के लिए अपनी चतुराई दिखाई है? उस अनुभव को कक्षा में साझा कीजिए ।
उत्तर:
एक बार की बात है। हम गरमियों की छुट्टियों में मामा जी के घर गए थे। घर के सदस्यों को किसी काम से कुछ देर के लिए बाहर जाना पड़ा। घर में मैं, मेरी छोटी बहन और मामा का बेटा था। हम सभी खेल रहे थे कि अचानक मेरे मामा का बेटा कमरे में बंद हो गया और दरवाजा लॉक हो गया। पहले तो हम तीनों घबरा गए लेकिन फिर मैंने धैर्य से समस्या का समाधान सोचा। मैंने अपनी छोटी बहन के बालों में लगी चिमटी की सहायता से दरवाज़ा खोल दिया।
(विद्यार्थी चतुराई में संकट से मुक्ति का अपना अनुभव भी कक्षा में साझा कर सकते हैं।)
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प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी की संकट में सहायता की है ? बताइए कि आपने कैसे सहायता की थी।
उत्तर:
2019-20 में कोरोना वैश्विक महामारी के समय जब सभी कारखाने बंद हो गए, तब हमारे घर के पास रहने वाले कामगारों की भी फैक्टरी बंद हो गई तथा उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। उस स्थिति में वे अपने गाँव के लिए पैदल ही निकलने वाले थे। मेरे परिवार वालों ने उस समय उन्हें रास्ते के लिए राशन-पानी तथा राह- खर्च के लिए पैसे आदि देकर उनकी सहायता की। इसमें मैंने भी अपना योगदान दिया। मैंने अपनी गुल्लक में जमा की गईं राशि भी उन्हें देने के लिए माँ-पिता जी को दे दिया। इससे उनको कुछ राहत मिली तथा वे बड़ी कठिनाई से अपने घर पहुँचे।
(विद्यार्थी सहायता के अपने अनुभव भी लिख सकते हैं।)
चित्रकार का विद्यालय
प्रश्न 1.
कल्पना कीजिए कि चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला है। आप इस विद्यालय का कोई नाम सुझाइए और इसके बारे में कुछ वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला तथा उसका नाम ‘वन चित्रकला विद्यालय’ रखा। यह विद्यालय एक प्रकार से प्रकृति की ही गोद में स्थित है। इसके आस-पास प्राकृतिक दृश्यों की भरमार है। विद्यार्थी इन दृश्यों को अपने चित्रों में उतारते हैं। चित्रकार विद्यार्थियों को चित्रकला के गुण सिखाते हैं। यहाँ की शांति अतुलनीय है।

प्रश्न 2.
इस विद्यालय के बारे में एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए जिसे पढ़कर जंगल के पशु-पक्षियों में इस विद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा जाग जाए।
(जैसे- प्रवेश जारी है। एक अनोखा विद्यालय, आपके पड़ोस में, आइए और सीखिए…)
उत्तर:

खोजबीन
अपने अभिभावकों के साथ पशु-पक्षियों से संबंधित भारतीय वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री ) देखिए और उससे प्राप्त जानकारी कक्षा में साझा कीजिए ।
जंगल में शांति और सुरक्षा
मान लीजिए, शेर और चित्रकार अच्छे मित्र हैं। वे चाहते हैं कि जंगल में सुख-शांति रहे। आप उन्हें जंगल में शांति के लिए क्या उपाय सुझाएँगे? कम से कम तीन सुझाव अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
(संकेत – ऐसे उपाय सोचिए जिनसे जंगल के पेड़-पौधे, हवा-पानी और पशु-पक्षी सुरक्षित रहें ।)
उत्तर:
जंगल में सुख-शांति के लिए उन दोस्तों को निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं-
- जंगल को नष्ट करने तथा उसमें मानव बस्ती (व्यावसायिक) बसाने पर रोक लगा दी जाए।
- जंगल में जिन स्थानों पर पेड़-पौधे कम हो रहे हैं, वहाँ पुनः वृक्षारोपण किया जाए।
- पशु-पक्षियों के अवैध शिकार को प्रतिबंधित किया जाए।
पुस्तकालय से
पुस्तकालय से अपने शिक्षक की सहायता से पंचतंत्र अथवा हितोपदेश में से उन कहानियों को ढूँढ़िए जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के मध्य संवाद हों।
आज की पहेली
प्रश्न 1.
चित्रकार जिस जंगल में गया था, वहाँ कौन-कौन से पेड़ हो सकते थे? आइए इस पहेली से पता लगाते हैं। इस पहेली को इसी कविता के कवि ने रचा है।
अपने समूह में मिलकर पहेली बूझिए –
बाबूलाल मदन मुरलीधर इलाचंद्र हुबलाल ।
गिरिजाशंकर बेनीमाधव दंडपाणि यशपाल।।
गणपति काशीराम कलापी टहलराम घनश्याम ।
लेकर गए एक से दूने, कितने थे कुल आम?
उत्तर:
16383 आम
प्रश्न 2.
ऊपर दी गई कविता में 12 पेड़ों के नाम छिपे हैं। उन नामों को ढूँढ़िए, जैसे – गणपति, कलापी और टहलराम शब्दों में से ‘पीपल’ निकलता है। कोई एक अक्षर कई नामों के लिए भी प्रयुक्त हो सकता है।
उत्तर:
पेड़ों के नाम – आम, पीपल, नीम, शीशम, जामुन, बबूल, कटहल, महुआ, बेल, इमली, बरगद, कदंब