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NCERT Class 4th Hindi Chapter 9 मिठाइयों का सम्मेलन Question Answer
मिठाइयों का सम्मेलन Class 4 Question Answer
कक्षा 4 हिंदी पाठ 9 प्रश्न उत्तर – Class 4 Hindi मिठाइयों का सम्मेलन Question Answer
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपको कौन-सी मिठाई सबसे अधिक पसंद है और क्यों?
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी पसंद की मिठाइयाँ; जैसे- लड्डू, बरफ़ी, कलाकंद, रसगुल्ला, जलेबी आदि का नाम बताकर अपनी पसंद का कारण बताएँगे।
प्रश्न 2.
आपके घर में मिठाई कब-कब बनाई और बाँटी जाती है?
उत्तर :
दीपावली, होली, मकर संक्रांति, ईद जैसे विभिन्न पर्वों के साथ-साथ जन्मदिन, विवाह समारोह आदि अवसरों पर भी मिठाई बनाई और बाँटी जाती हैं।
प्रश्न 3.
घर से विद्यालय तक जाते हुए आपको किन-किन वस्तुओं की दुकानें मिलती हैं?
उत्तर :
घर से विद्यालय तक जाते हुए विद्यार्थी फल-सब्ज़ी, फूल, दूध, दवाई, स्टेशनरी आदि दुकानों के नाम बता सकते हैं।
प्रश्न 4.
अगर आप अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते तो किन-किन बातों पर चर्चा करते?
उत्तर :
विद्यार्थी अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते हुए समय का महत्व, पर्यावरण, बातूनी पक्षी, स्वास्थ्यवर्धक फल-सब्ज़ियाँ आदि विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।
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पाठ के भीतर
प्रश्न 1.
रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है?
उत्तर :
रसगुल्ला भाई के अनुसार अत्यधिक मिठास ही मिठाइयों की उपेक्षा का कारण है।
प्रश्न 2.
लड्डू दादा ने क्या-क्या सुझाव दिया?
उत्तर लड्डू दादा ने लोगों को मिठाइयों का नियंत्रित सेवन करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही शारीरिक श्रम करने तथा स्वस्थ रहने पर बल दिया।
प्रश्न 3.
“ फिर हमें मिठाई कौन कहेगा ? ” गुलाबजामुन ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर :
लड्डू दादा के द्वारा मिठाइयों में शक्कर की मात्रा कम करने के सुझाव पर गुलाबजामुन ने ऐसा कहा ।
प्रश्न 4.
इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर :
अधिकता किसी भी वस्तु की बुरी होती है। इसी प्रकार यदि मिठाइयों का अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो इसका स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है। ‘ इसी कारण जीभ पर नियंत्रण रखने की बात कही गई है।
प्रश्न 5.
इस पाठ में मिठाइयों को लड्डू दादा, बरफ़ी बहन आदि नामों से पुकारा गया है। नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार मिठाइयों को अपनी पसंद के नाम देते हुए उनके चित्र भी बनाइए ।

उत्तर :
- गुलाबजामुन – गुलाबजामुन मामा’
- गुझिया – गुझिया ‘ बुआ
- काजूकतली – “काजूकतली मौसी
- मैसूरपाक – “मैसूरपाक चाचा
विद्यार्थी मिठाइयों के चित्र बनाएँगे। वे अपनी पसंद से मिठाइयों को अन्य रिश्तों के नाम भी दे सकते हैं।
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हमारी मिठास
प्रश्न 1.
हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के बारे में पता कीजिए और उनके नाम भी लिखिए-

उत्तर :
| प्रदेश/केंद्रशासित प्रदेश | मिठाई |
| गोवा | बेबिका |
| ओडिशा | छेना पोड़ा |
| “बिहार” | “ठेकुआ |
| ‘गुजरात’ | “”बासुंदी” |
| “महाराष्ट्र” | “मोदक’ |
प्रश्न 2.
पढ़िए, समझिए और लिखिए-

उत्तर:
“मीठा → “मिठास → “रसगुल्ला
‘खट्टा’ → ‘खटास → नीबू, आँवला
‘नमक → “नमकीन → पापड़, समोसा
“कड़वा” → ‘कड़वाहट’ → करेला, मेथी
प्रश्न 3.
विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाने के लिए अनाज, साग-भाजी, फल-फूल, पत्ते, दलहन, तिलहन और सूखे मेवे आदि का उपयोग होता है। अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से दी गई तालिका को पूरा कीजिए –

उत्तर :

भाषा की बात
प्रश्न 1.
‘मन में लड्डू फूटना’ का अर्थ है अत्यधिक प्रसन्न होना, जैसे-जब ज्योति को लाल किला जाने का अवसर मिला तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे। इस प्रकार फलों, मसालों और साग तरकारियों पर आधारित मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए।
(क) अंगूर खट्टे हैं। – न प्राप्त होने वाली वाली वस्तु को बुरा कहना”
(ख) “ऊँट के मुँह में जीरा – ________________________
(ग) नमक मिर्च लगाना’ – ________________________
(घ) एक अनार, सौ बीमार – ________________________
(ङ) “थाली का बैंगन – ________________________
उत्तर :
(क) अंगूर खट्टे हैं। – न प्राप्त होने वाली वाली वस्तु को बुरा कहना”
(ख) “ऊँट के मुँह में जीरा – आवश्यकता के हिसाब से कम मात्रा
(ग) नमक मिर्च लगाना’ – ‘स्वार्थी और पल-पल में बदलने वाला”
(घ) एक अनार, सौ बीमार – वस्तु ” एक “और “चाहने ” वाले “अनेक”
(ङ) “थाली का बैंगन – स्वार्थी “और” पल-पल “में ” बदलने ” वाला
अब इन मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य भी बनाइए ।
विद्यार्थी मुहावरों और इनके अर्थ को पढ़कर वाक्य बनाएँगे।
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प्रश्न 2.
नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार शब्दों के बहुवचन लिखिए-

उत्तर :
| एक (एकवचन) | अनेक (बहुवचन) |
| मिठाई | “मिठाइयाँ” |
| जलेबी | “जलेबियाँ” |
| रसगुल्ला | “रसुगल्ले |
| इमरती | “इमरतियाँ” |
| पेड़ा | “पेड़े’ |
प्रश्न 3.
कुछ मिठाइयों के नाम दो शब्दों के मेल से बनते हैं। यहाँ कुछ नाम दिए गए हैं। इनकी सहायता से मिठाइयों के पूरे नाम लिखिए-
(क) रस + “मलाई = ‘रसमलाई’
(ख) गुलाब + “जामुन” =________________________
(ग) बालू’ + “शाही” = ________________________
(घ) “मोहन + भोग = ________________________
(ङ) कला + “कंद” = ________________________
(च) “काजू” + “कतली” = ________________________
(छ) सोन.. + “” पापड़ी ” = ________________________
(ज) “अंगूरी + पेठा = ________________________
उत्तर :
(क) रस + “मलाई = ‘रसमलाई’
(ख) गुलाब + “जामुन” = “गुलाबजामुन
(ग) बालू’ + “शाही” = “बालूशाही
(घ) “मोहन + भोग = “मोहनभोग
(ङ) कला + “कंद” = ‘कलाकंद’
(च) “काजू” + “कतली” = “काजूकतली
(छ) सोन.. + “” पापड़ी ” = ‘सोनपापड़ी
(ज) “अंगूरी + पेठा = “अंगूरीपेठा
साग- भाजियों का सम्मेलन
ऋषभ और गुरप्रीत एक दिन घर में खेल रहे थे कि अचानक उन्हें रसोईघर से कुछ आवाजें आईं। वहाँ साग – भाजियाँ आपस में बातें कर रही थीं। उनकी बातचीत को पूरा कीजिए ।

आलू – मैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग – भाजियाँ अधूरी हैं।
बैंगन – तुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं !
टमाटर – ________________________
प्याज़ – ________________________
मिर्च – ________________________
उत्तर :
- आलू – मैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग – भाजियाँ अधूरी हैं।
- बैंगन – तुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं !
- टमाटर – “और मेरे बारे में तो सब जानते ही हैं कि मैं सभी सब्ज़ियों का स्वाद दुगुना कर देता हूँ।
- प्याज़ – “बिलकुल सही कहा । मेरा प्रयोग सब्ज़ियाँ बनाने तथा सलाद में किया जाता है ।” मैं “लोगों को गरमियों के मौसम में लू लगने से बचाती हूँ।
- मिर्च – “”अरे वाह! सभी अपनी- अपनी तारीफ़ कर रहे हैं, पर मत भूलो स्वाद में तड़का तो “मैं ही लगाती हूँ। मेरे बिना खाने में स्वाद कहाँ!
- भिंडी – ‘मुझमें कैल्शियम और विटामिन होने के कारण मैं हड्डियों को मज़बूती प्रदान ” करती हूँ। गोभी रानी, तुम भी अपने बारे में कुछ बताओ।
- गोभी – “मुझे तो हर बच्चा “पसंद करता है। सब्ज़ी हो, पराँठा या हो मंचूरियन सभी जगह ” मेरे ही स्वाद के चर्चे हैं।
- करेला – ” स्वाद ही सब कुछ नहीं होता। मैं थोड़ा कड़वा ज़रूर हूँ पर सबसे ज़्यादा शरीर को लाभ मैं ही पहुँचाता हूँ।
- पालक – “ठीक कहा, करेला भाई। अकसर लोग स्वाद के चक्कर में सेहत को नज़रअंदाज’ “कर देते हैं। हरी सब्ज़ियाँ तो सेहत का खज़ाना होती हैं।
- लौकी – मेरे लिए भी लोगों का यही विचार है कि दिखने में सीधी-सादी और स्वाद में “फीकी। भले ही लोग मुझे खास पसंद न करे, लेकिन असली ताकत दिखावे में “”नहीं, बल्कि गुणों में होती है।
हम और हमारा स्वास्थ्य
प्रश्न 1.
स्वस्थ रहने के लिए आप क्या – क्या करते हैं? इससे संबंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए ।
उत्तर :
स्वस्थ रहने के लिए पाँच वाक्य इस प्रकार लिखे जा सकते हैं-
1. हमें प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर टहलने जाना चाहिए।
2. हरी सब्ज़ियाँ तथा ताज़े – मौसमी फलों को अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
3. हमें हर रोज़ व्यायाम करना चाहिए।
4. अपने शरीर तथा आसपास की साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना चाहिए ।
5. ठीक समय पर सोना तथा जागना चाहिए ।
प्रश्न 2.
“ जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है।” अगर आपके पास इस कथन से संबंधित कोई अनुभव है तो उसे कक्षा में साझा कीजिए और उस चर्चा कीजिए। शिक्षक भी कुछ उदाहरण देकर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
उत्तर :
विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर इस प्रकार उत्तर दे सकते हैं-
- बाहर का खाना अधिक खाने से पेट दर्द हो गया।
- अधिक आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक के सेवन से गला खराब हो गया ।
- अधिक टी०वी० देखने से आँखों की दृष्टि कमज़ोर हो गई।
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भूल-भुलैया
भाई – बहन मिठाइयों के सम्मेलन में गए थे और लौटते समय घर का रास्ता भूल गए। इन्हें जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालिए-

उत्तर :
विद्यार्थी जलेबी पर अंकित एक से बीस तक की गिनती पर पेंसिल फिराते हुए जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकलेंगे।
चटपटी चाट
चटपटी बनाने के मलए आपको चामहए—
- अंकुरित चने, मूँग आदि।
- उबले आलू
- टमाटर
- हरी मिर्च और हरा धनिया (इच्छानुसार)
- खीरा
- प्याज
- काला/सादा नमक (स्वादानुसार)
- चाट मसाला
- नींबू
- भुना जीरा पाउडर
उत्तर :
विद्यार्थी विभिन्न फलों, सब्ज़ियों, चना आदि सामग्रियों का उपयोग कर चटपटी चाट बना सकते हैं।