The latest CBSE Sample Papers for Class 8 hindi with Solutions Set 5 include questions based on the updated syllabus.
CBSE Sample Papers for Class 8 Hindi Set 5 with Solutions
अधिकतम अंक : 2 1/2 hrs.
निर्धारित समय : 60 min.
सामान्य निर्देश:
- इस प्रश्न- पत्र में चार खण्ड हैं- क, ख, ग और घा
- चारों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
- यथा सम्भव प्रत्येक खण्ड के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः दीजिए।
- प्रत्येक उत्तर लिखने के बाद एक या दो लाइन छोड़कर अगले प्रश्न का उत्तर लिखिए।
खण्ड ‘क’ : बहुविकल्पीय
प्रश्न 1.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
भारतवर्ष प्राचीनकाल से ही ज्ञान-विज्ञान का केंद्र रहा है। वेदों और पुराणों के काल से ही भारत को विश्व गुरु कहा जाता रहा है। आर्यभट्ट, चरक, सुश्रुत, भरतमुनि और चाणक्य जैसे व्यक्तित्व ने इस देश की ज्ञान-सम्पदा को समृद्ध किया है। ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ जैसे महाकाव्य आज भी श्रेष्ठतम रचना मानी जाती हैं किन्तु पराधीनता के युग में इसका क्रमिक पतन शुरू हो गया। आजादी के बाद पुनः भारतीय ज्ञान-विज्ञान को प्रचारित और प्रसारित करने का प्रयास शुरू किया गया। इस कार्य को और अधिक महत्त्व देकर पुनः भारत को विश्व गुरु बनाना हर देशवासी का कर्त्तव्य है।
(i) यह धरती कितनी पुरानी है?
(क) लाखों वर्ष
(ख) सौ साल
(ग) 15 साल
(घ) लाखों-करोड़ों
उत्तर:
(घ) लाखों-करोड़ों
(ii) आदमियों से पहले धरती पर कौन थे?
(क) बंदर
(ख) मोर
(ग) जानवर
(घ) भालू
उत्तर:
(ग) जानवर
(iii) एक समय यह धरती कैसी थी?
(क) ठंडी
(ख) सतलुज
(ग) विषैली
(घ) गर्म
उत्तर:
(घ) गर्म
(iv) किताबों को पढ़ने से क्या मालूम हो सकता है?
(क) पुरातत्व काल
(ख) प्राचीन सभ्यता
(ग) पुरानी जानकारी
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ख) प्राचीन सभ्यता
(v) धरती पर सबसे पहले कौन आये?
(क) बंदर
(ख) आदमी
(ग) जानवर
(घ) सुअर
उत्तर:
(ग) जानवर
अथवा
कई बार बड़ी मिलें अथवा कारखाने अपने उत्पादन में से अच्छी किस्म का छटा हुआ माल बाजार में बेचने के पश्चात् बचा हुआ थोड़ा घटिया किस्म का माल सस्ते दामों पर दुकानदारों को बेच देते हैं। यह दुकानदार अधिक लाभ कमाने के लिए इस घटिया माल को भी अच्छा कहकर महँगा बेचते हैं। इसी प्रकार दिखने में एक से फर्नीचर में सस्ती किस्म की लकड़ी या लोहे की पतली चादर का प्रयोग करके उत्पादन कर्ता अपनी लागत कम करके अपने लाभ का अंश बढ़ा देते हैं।
(i) वस्तुओं का उत्पादन कहाँ होता है?
(क) बाजार में
(ख) दुकान में
(ग) घरों में
(घ) कारखानों में
उत्तर:
(घ) कारखानों में
(ii) अच्छी किस्म का माल कहाँ बेचा जाता है?
(क) घरों में
(ख) स्कूलों में
(ग) बाजारों में
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ग) बाजारों में
(iii) थोड़ा घटिया किस्म का माल किसको बेच देते हैं?
(क) श्रमिकों को
(ख) स्कूलों को
(ग) दुकानदारों को
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ख) स्कूलों को
(iv) दुकानदार लाभ कमाने के लिए क्या करते हैं?
(क) नकली वस्तु डालते हैं
(ख) घटिया माल को अच्छा कहते हैं
(ग) थोड़ा कम मूल्य रखते हैं
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
(v) फर्नीचर बनाने मे किन-किन चीजों का प्रयोग किया जाता है?
(क) लकड़ी
(ख) लोहे की पतली चादर
(ग) केवल-क
(घ) दोनों क ख
उत्तर:
(घ) दोनों क ख
![]()
प्रश्न 2.
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी.
लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी,
नाना के संग पढ़ती थी वह, नाना के संग खेली थी,
बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी,
वीर शिवाजी की गाथाएँ उसको याद जबानी थीं।
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।
(i) झाँसी की रानी को ‘छबीली’ कहकर कौन पुकारते थे?
(क) अंग्रेज
(ख) जनता
(ग) नाना साहब
(घ) सिपाही
उत्तर:
(ग) नाना साहब
(ii) वह अपने पिता की कैसी संतान थी?
(क) दूसरी
(ख) तीसरी
(ग) प्रथम
(घ) अकेली ( एकमात्र)
उत्तर:
(घ) अकेली ( एकमात्र)
(iii) लक्ष्मीबाई की सहेलियाँ कौन थीं?
(क) मोहिनी
(ख) तलवार व कटार
(ग) धनुष
(घ) कलम पैन
उत्तर:
(ख) तलवार व कटार
(iv) उसे किसकी गाथाएँ जबानी याद थीं?
(क) महाराणा प्रताप की
(ख) सुकरात की
(ग) कबीर की
(घ) शिवाजी की
उत्तर:
(घ) शिवाजी की
(v) लक्ष्मीबाई किसके साथ पढ़ती और खेलती थी?
(क) पापा साथ
(ख) माता साथ
(ग) चाया साथ
(घ) नाना साथ
उत्तर:
(घ) नाना साथ
अथवा
हम पंछी उन्मुक्त गगन के
पिंजर बद्ध न गा पाएँगे
कनक- तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाएँगे।
हम बहता जल पीने वाले
मर जाएँगे भूखे-प्यासे,
कहीं भी है कटुक निबौरी
कनक- कटोरी की मैदा से
(i) पर्वत से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
(i) इस कविता का नाम क्या है?
(क) आसमान के पंछी
(ख) पंछी चहचहाना
(ग) हम पंछी उन्मुक्त गगन के
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ग) हम पंछी उन्मुक्त गगन के
(ii) इस काव्यांश में पक्षी अपनी क्या इच्छा प्रकट करते हैं?
(क) दाना खाने की
(ख) पिंजरे में जाने की
(ग) खुले आसमान में उड़ने की
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ग) खुले आसमान में उड़ने की
(iii) पक्षी कहाँ रहकर गा नहीं पाएँगे?
(क) पेड़ पर
(ख) घरों में
(ग) आसमान में
(घ) पिंजरे में
उत्तर:
(घ) पिंजरे में
(iv) पक्षियों के पंख कब टूट जाते हैं?
(क) पेड़ पर चढ़कर
(ख) जमीन पर घूमने से
(ग) पिंजरे की तिल्ली से टकरा करके
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ग) पिंजरे की तिल्ली से टकरा करके
(v) कनक’ शब्द का अर्थ क्या है?
(क) मिट्टी
(ख) चांदी
(ग) सोना
(घ) उपर्युक्त कोई नहीं
उत्तर:
(ग) सोना
खंड ‘ख’ : व्याकरण
प्रश्न 3.
निर्देशानुसार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(i) निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए: घोड़ा, गृह ।
उत्तर:
घोड़ा : अश्व, गृह घर, भवन, मकान, निकेतन ।
(ii) विलोम शब्द लिखिए: उत्थान, स्वतंत्र।
उत्तर:
उत्थान : पतन, स्वतंत्र : परतंत्र।
(iii) ‘इक’ प्रत्यय लगाकर दो शब्द बनाइए।
उत्तर:
धर्म धार्मिक समाज : सामाजिक।
(iv) प्रत्यय अलग करके लिखिए: भलाई, अनुकरणीय।
उत्तर: ई : भला, अनु : करणीय।
(v) निम्नलिखित में व्यक्तिवाचक संज्ञा छाँटकर लिखिए: राम, गाय, भगवद्गीता, बुढ़ापा।
उत्तर:
राम बुढ़ापा व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
(vi) निम्नलिखित शब्दों में से भाववाचक संज्ञा छाँटकर लिखिए: सज्जनता, घर, शत्रुता, पंडित।
उत्तर: भाववाचक संज्ञा : शत्रुता, सज्जनता।
(vii) वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखिए: (क) जिसका जन्म न हुआ हो। (ख) सब कुछ जानने वाला।
उत्तर: (क) अजन्मा, (ख) ज्ञानी।
(viii) संधि कीजिए : (क) रेखा + अंकित ( ख ) परीक्षा + अर्थी।
उत्तर:
( क ) रेखांकित, (ख) परीक्षाथी
खण्ड ‘ग’ : पाठ्यपुस्तक
प्रश्न 4.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए 1 x 3 = 3
रज्जो ने चार-पाँच आम अंजुली में लेकर मेरी ओर बढ़ा दिए। आम लेने के लिए मैंने हाथ बढ़ाया तो मेरी निगाह एक क्षण के लिए उसके हाथों पर ठिठक गई। गोरी-गोरी कलाइयों पर लाख की चूड़ियाँ बहुत ही फब रहीं थीं। बदलू ने मेरी दृष्टि देख ली और बोल पड़ा, यही आखिरी जोड़ा बनाया जमींदार साहब की बेटी के विवाह पर। दस आने पैसे मुझको दे रहे थे। मैंने जोड़ा नहीं दिया। कहा, शहर से ले आओ। मैंने आम ले लिए और खाकर थोड़ी देर पश्चात चला आया। मुझे प्रसन्नता हुई कि बदलू ने हारकर भी हार नहीं मानी थी। उसका व्यक्तित्व काँच की चूड़ियों जैसा न था कि आसानी से टूट जाए।
सही विकल्प चुनकर लिखिए:
1. रज्जो ने आम कहाँ ले रखे थे?
(क) अँजुरी में
(ख) टोकरी में
(ग) कागज में
(घ) बरतन में
उत्तर:
(क) अँजुरी में
अथवा
रज्जों ने कैसी चूड़ियाँ पहन रखी थीं?
(क) काँच की
(ख) लाख की
(ग) सोने की
(घ) चाँदी की
उत्तर:
(ख) लाख की
2. बदलू ने लाख की चूड़ियों का अंतिम जोड़ा कब बनाया था?
(क) अपनी बेटी के विवाह पर
(ख) जमींदार की बेटी के विवाह पर
(ग) बुढ़ापे से पहले
(घ) बहुत पहले
उत्तर:
(ख) जमींदार की बेटी के विवाह पर
3. बदलू का व्यक्तित्व कैसा था?
(क) काँच के समान
(ख) लाख के समान
(ग) मजबूत
(घ) सामान्य
उत्तर:
(ग) मजबूत
अथवा
मैं भी बहुत भयभीत था पर ड्राइवर को किसी तरह मार-पीट से बचाया। डेढ़-दो घंटे बीत गए। मेरे बच्चे भोजन और पानी के लिए व्याकुल थे। मेरी और पत्नी की हालत बुरी थी। लोगों ने ड्राइवर को मारा तो नहीं पर उसे बस से उतारकर एक जगह घेरकर रखा। कोई भी दुर्घटना होती है तो पहले ड्राइवर को समाप्त कर देना उन्हें उचित जान पड़ा। मेरे गिड़गिड़ाने का कोई विशेष असर नहीं पड़ा। इसी समय क्या देखता हूँ कि एक खाली बस चली आ रही है और उस पर हमारा बस कंडक्टर भी बैठा सही विकल्प चुनकर लिखिए:
1. लेखक ने किसको मार-पीट से बचाया?
(क) कंडक्टर को
(ख) ड्राइवर को
(ग) यात्रियों को
(घ) डाकुओं को
उत्तर:
(ख) ड्राइवर को
2. किसकी हालत बुरी हो रही थी?
(क) बच्चों की
(ख) लेखक की
(ग) लेखक की पत्नी की
(घ) इन सभी की
उत्तर:
(घ) इन सभी की
3. यात्रियों ने ड्राइवर के साथ क्या किया?
(क) उसे बस से उतार लिया
(ख) उसे एक जगह घेर कर रखा
(ग) उपर्युक्त दोनों काम किए
(घ) मारा-पीटा
उत्तर:
(ग) उपर्युक्त दोनों काम किए
![]()
प्रश्न 5.
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
हम तो केवल यह आँकते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को सुगंध भेजती है।
और वह सौरभ हवा में तैरते हुए
पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।
और एक देश का भाप
दूसरे देश में पानी
बनकर गिरता है।
सही विकल्प चुनकर लिखिए :
1. ‘सुगंध’ में ‘सु’ क्या है?
(क) उपसर्ग
(ख) प्रत्यय
(ग) मूलशब्द
(घ) अन्य
उत्तर:
(क) उपसर्ग
2. ‘पाँख’ शब्द कैसा है?
(क) तत्सम
(ख) तद्भव
(ग) देशज
(घ) विदेशी
उत्तर:
(ख) तद्भव
3. ‘सौरभ’ शब्द का अर्थ है-
(क) सुंदर
(ख) सुगंध
(ग) हवा
(घ) बादल
उत्तर:
(ख) सुगंध
अथवा
इस कविता के रचयिता हैं :
(क) मैथिलीशरण गुप्त
(ख) सुमित्रानंदन पंत
(ग) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(घ) जयशंकर प्रसाद
उत्तर:
(ग) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
अथवा
अभी भी कहता है कोई किसी को
जल्दी आ जाओ कि अब
सूरज डूबने का वक्त हो गया
अभी कहा जाता है
उस कथा का आखिरी हिस्सा
जो बूढ़ी नानी सुना रही सदियों से
दुनिया के तमाम बच्चों को
अभी आती है एक बस
अंतरिक्ष के पार की दुनिया से
लाएगी बचे हुए लोगों की खबर!
नहीं, यह सबसे कठिन समय नहीं।
सही विकल्प चुनकर लिखिए:
1. किसके डूबने का वक्त हो गया?
(क) सूरज
(ख) चाँद
(ग) दिन
(घ) तारे
उत्तर:
(क) सूरज
2. सदियों से कहानी कौन सुनाती आ रही है?
(क) बूढ़ी दादी
(ख) बूढ़ी नानी
(ग) पड़ोसिन
(घ) कोई नहीं
उत्तर:
(ख) बूढ़ी नानी
क्या यह सबसे कठिन समय है?
(क) हाँ
(ख) नहीं
(ग) हो भी सकता है
(घ) पता नहीं
उत्तर:
(ख) नहीं
3. इस कविता को किसने लिखा है?
(क) जया भादुरी ने
(ख) जया जादवानी ने
(ग) महादेवी ने
(घ) सुभद्राकुमारी ने
उत्तर:
(ख) जया जादवानी ने
प्रश्न 6.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
1. समुद्र के तट पर बसे नगरों में अधिक ठंड और गरमी क्यों नहीं पड़ती?
उत्तर:
समुद्रतटीय इलाकों में जल की उपस्थिति दिन में तापमान को अधिक बढ़ने नहीं देती तथा रात में तापमान को अधिक गिरने नहीं देती अतः यहाँ का तापमान सदैव सुहावना बना रहता है। कोलकाता में दिसंबर के आखिर में भी लोग कुर्ता-पायजामें में सैर करते दिखाई पड़ते हैं।
2. बिलवासी मिश्र ने अंग्रेज को उस लोटे का क्या इतिहास बताया?
उत्तर:
बिलवासी मिश्र ने बताया कि जब हुमायूँ शेरशाह से हारकर सिंध के रेगिस्तान में मारा-मारा फिर रहा था तब एक ब्राह्मण ने इसी लोटे से उन्हें पानी पिलाया था। बाद में अकबर ने 10 सोने के लोटे देकर इसे खरीद लिया। वह इसी लोटे से वजू करता था। बाद में यह लोटा गायब हो गया। इस व्यक्ति (लाला झाऊलाल) के पास न जाने यह लोटा कहाँ से आ गया।
3. ‘प्रभु के परताप ते दाख न भावत’ कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है?
उत्तर:
‘प्रभु के परताप ते दाख न भावत’ के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है कि सुदामा की विपन्नता अब संपन्नता में बदल गई है। अब सुदामा पहले वाले सुदामा नहीं रहे। अब उनके पास रहने के लिए राजमहल, कहीं आने-जाने के लिए गजराज, सोने के लिए मुलायम बिस्तर तथा खाने के लिए स्वादिष्ट मेवे, पकवान तथा व्यंजन हैं।
4. ‘भगवान के डाकिए’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
इस कविता में यह प्रतिपादित किया गया है कि भगवान बिना किसी भेदभाव के पृथ्वी के सभी लोगों को अपना प्रेम, करुणा एवं दया का संदेश देता है। हमें भी इसी भावना का अनुकरण करना चाहिए। भगवान के संदेश को प्रकृति के माध्यम से समझने एवं अपनाने का प्रयास करना चाहिए। हमें देश की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को अपना समझना चाहिए।
![]()
प्रश्न 7.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: ( कोई तीन प्रश्न)
1. तक्षशिला विश्वविद्यालय के बारे में क्या बताया गया है? 2 × 2 = 4
उत्तर:
पेशावर के पास एक प्राचीन और प्रसिद्ध विश्वविद्यालय था, जिसका नाम तक्षशिला था। यह विश्वविद्यालय विज्ञान, चिकित्साशास्त्र, कलाओं के लिए मशहूर था। इसमें भारत के दूर-दूर हिस्सों से लोग शिक्षा प्राप्त करने के लिए आया करते थे। तक्षशिला का स्नातक होना सम्मान और विशेष योग्यता की बात समझी जाती थी। बौद्ध काल में यह बौद्ध-ज्ञान का केन्द्र बन गया था।
2. अशोक के बारे में क्या बताया गया है?
उत्तर:
अशोक 273 ई.पू. मौर्य साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना। उसने पूरबी तट के कलिंग प्रदेश पर आक्रमण करके उसे जीत लिया। पर इसके भयंकर नरसंहार ने अशोक का हृदय परिवर्तित कर दिया। उस पर बौद्ध धर्म का प्रभाव पड़ गया। उसने दूर देशों में बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार किया। वह एक निर्माता भी था। उसने अनेक बड़ी इमारतों का निर्माण करवाया। 41 वर्ष तक शासन करने के उपरांत 232 ई. पू. में अशोक की मृत्यु हो गई। उसका नाम आज भी आदर के साथ लिया जाता है।
3. राजा राममोहन राय के बारे में पाठ में क्या बताया गया है?
उत्तर:
अठारहवीं शताब्दी में बंगाल में राजा राममोहन राम का नाम एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में उभरा। भारतीय विचारधारा और दर्शन की उन्हें गहरी जानकारी थी। वे संस्कृत, अरबी और फारसी के विद्वान थे। वे एक समाज सुधारक थे। सती प्रथा पर रोक उन्हीं के आंदोलन के कारण लगी। पत्रकारिता के साथ भी उनका गहरा संबंध था। वे दिल्ली सम्राट की ओर से इंग्लैड गए । उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभिक वर्षों में ब्रिस्टल में उनकी मृत्यु हुई।
4. महान सम्राट अशोक ने घोषणा की कि वह प्रजा के कार्य और हित के लिए “हर स्थान पर और हर समय ” हमेशा उपलब्ध हैं। हमारे समय के शासक/लोक-सेवक इस कसौटी पर कितना खरा उतरते हैं तर्क सहित लिखो।
उत्तर:
हमारे समय में शासक वर्ग अर्थात् नेता प्रजा के कार्य के लिए उपलब्ध ही नहीं होते। हाँ, उन्हें किसी सड़क, पुल, भवन का उद्घाटन करते हुए तो देखा जा सकता है। वे जनता से वाह-वाही लूटने के चक्कर में रहते हैं। जनता की समस्याओं को सुनने, समझने और हल करने में उनकी रुचि नहीं होती। उन्हें तो चुनाव के समय जनता की याद आती है।
प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए: 4 × 3 = 12
1. ‘पानी की कहानी’ के आधार पर पानी के जन्म और जीवन-यात्रा का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
2. सविनय अवज्ञा का उपयोग व्यंग्यकार ने किस रूप में किया है ? लिखिए।
3. लेखक ने स्वीकार किया हैं कि लोगों ने उन्हें भी धोखा दिया है, फिर भी वह निराश नहीं है। आपके विचार से इस बात का क्या कारण हो सकता है?
4. शुरुआत में पुरुषों ने इस आंदोलन का विरोध किया, परंतु आर. साइकल्स के मालिक ने इसका समर्थन किया, क्यों?
5. ऐसा हुआ हो कभी कि माँ के मना करने पर भी घर में उपलब्ध किसी स्वादिष्ट वस्तु को आपने चुपके-चुपके थोड़ा-बहुत खा लिया हो। चोरी पकड़े जाने पर कोई बहाना भी बनाया हो। अपनी आपबीती की तुलना श्रीकृष्ण की बाल लीला से कीजिए।
उत्तर:
1. पानी का जन्म हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक क्रिया के परिणामस्वरूप होता है। उनका अस्तित्व मिटकर ही पानी बनता है। पहले पानी की बूँद भाप के रूप में पृथ्वी के चारों ओर घूमती है। फिर वह ठोस बर्फ का रूप ले लेती है। तब उसका रूप बहुत छोटा हो जाता है। फिर समुद्र में गर्म जलधारा से भेंट होने पर वह पिघल कर पानी बन जाती है।
2. सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में सरकारी आदेशों का पालन न करने के लिए किया गया था। इसमें अंग्रेजी सरकार के साथ सहयोग न करने की भावना थी। 12 मार्च 1930 को इसी कड़ी में दांडी मार्च किया गया। नमक कानून 1930 में तोड़ा गया। लेखक ने इसका उपयोग इस संदर्भ में किया है कि आंदोलन के दौरान जिस प्रकार अंग्रेजों के दमन पूर्वक कार्यों से भारतीय जनता झुकी नहीं विनम्रपूर्वक अपने संघर्ष में बढ़ी रही उसी प्रकार यह बस भी अपने खटारा और टूटी-फूटी होने के बावजूद चल ही रही है या कहें कि चलाई जा रही है। बस का ढाँचा जवाब दे रहा था, किंतु वह चल ही रही थी। व्यंग्यकार ने इस घटना को बस की जर्जर दशा को बताने के लिए किया है। बस के विभिन्न अंग व पुर्जे भी आपस में सहयोग नहीं कर रहे थे।
3. लेखक इस तथ्य को स्वीकार करता है कि लोगों ने कई अवसरों पर उसे भी धोखा दिया है, पर वह इसी को सभी पर लागू नहीं करना चाहता । स्थिति चिंताजनक अवश्य है, पर निराश होकर बैठ जाने वाली नहीं है। जैसी स्थिति है, उसे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया जाता है। लेखक आशावादी है, वह कुछ बुरे लोगों के आधार पर भविष्य को अंधकारमय नहीं देखता। अभी भी उसका विश्वास जीवन के महान मूल्यों में बना हुआ है। यही कारण है कि वह निराश नहीं है। अनेक बार लोगों ने अकारण उसकी मदद की है।
4. शुरुआत में स्त्रियों द्वारा साइकिल चलाने के आंदोलन का पुरुषों ने डटकर विरोध किया। उन्होंने महिलाओं पर फब्तियाँ भी कसीं। वे महिलाओं की आत्मनिर्भरता के पक्ष में नहीं थे। इससे हटकर आर. साइकिल्स के मालिक ने स्त्रियों द्वारा साइकिल चलाने के आंदोलन का भरपूर समर्थन किया। इसका कारण यह था कि उस अकेले डीलर के यहाँ लेडीज साइकिल की बिक्री में साल भर के अंदर 350 प्रतिशत की वृद्धि जो हुई थी। उसकी भरपूर आय हो रही थी। अतः उसे तो समर्थन करना ही था। अनेक महिलाओं ने जेंट्स साइकिल भी खरीद लीं।
5. एक बार मैं घर रखी मिठाई चुपके से खा रहा था कि माँ आ गई और मेरी चोरी पकड़ी गई। मैंने बहाना बनाया कि मैं तो बस चखकर देख रहा था कि यह खराब तो नहीं हुई। माँ को मेरी बात पर विश्वास नहीं हुआ ! उसने मुझे पहले डाँटा और फिर समझाया कि चुराकर कोई वस्तु लेना गलत है। मेरी चोरी तो पकड़ी गई, पर कृष्ण तो माखन चुराकर भाग जाते थे। बाद में कोई गोपी उन्हें पकड़ लेती थी। बाहर से वह भले ही डाँटती थी पर मन ही वह खुश होती थीं।
खण्ड ‘घ’ : रचनात्मक लेखन
प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से किसी एक विषय अनुच्छेद लिखिए- 1 × 4 = 4
1. मनोरंजन के आधुनिक साधन
2. आधुनिक समाज में नारी
उत्तर :
1. कन्या भ्रूण हत्या : एक सामाजिक अपराध
मनोरंजन मनुष्य के मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। निरंतर कार्यरत रहने से हमारा शरीर और मस्तिष्क दोनों थक जाते हैं, मन नीरस और बोझिल हो जाता है। मानसिक और शारीरिक थकान को दूर करने के लिए मनोरंजन एक अच्छा साधन है। प्राचीन समय में लोग मनोरंजन के लिए शिकार, कबड्डी, लाठी, तलवार मुकाबला, चौपड़ तथा दौड़ आदि प्रतियोगिताओं आदि साधनों का प्रयोग करते थे। आधुनिक युग में इन सबकी जगह टी०वी०, कंप्यूटर, संगीत सम्मेलन, सर्कस, क्रिकेट ने ले लिया है।
इन आधुनिक साधनों की विशेषता यह है कि लोग अपने घर में ही मनोरंजन कर लेते हैं। इसके लिए कहीं दूसरी जगह नहीं जाना पड़ता है। मस्तिष्क के तनावमुक्त होने के लिए थोड़ा-बहुत मनोरंजन आवश्यक है लेकिन किसी भी कार्य की अधि कता बुरी होती है। अगर लोग अपना अधिकांश समय मनोरंजन में ही बिताएँ तो उनके लिए यह हानिकारक होगा। अतः हमें ऐसे साधन अपनाने चाहिए, जिससे हमारी ज्ञानवृद्धि एवं समय का सदुपयोग हो।
(ii) आधुनिक समाज में नारी
आधुनिक समाज में कमजोर एवं शक्तिहीन समझी जानेवाली नारी ने अपनी छवि को परिष्कृत करते हुए यह सिद्ध कर दिखाया है कि वह पुरुष जाति से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। अंतरिक्ष, विज्ञान, धर्म-दर्शन, राजनीति एवं सामाजिक चाहे कोई भी क्षेत्र हो, उसने हर क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं और सफलता अर्जित की है। वर्तमान समाज में नारी सभी क्षेत्रों में पुरुषों को चुनौती दे रही हैं।
किरण बेदी, मदर टेरेसा, इंदिरा गाँधी, बछेंद्री पाल, सायना नेहवाल आदि ये कुछ ऐसे नाम हैं, जो यह प्रकट करते हैं कि नारी ने अपनी ताकत को पहचान लिया है और अब वह आधुनिक समाज और पूरे विश्व को एक नई दिशा देने के लिए तत्पर है। आधुनिक समाज में नारी का यह कर्तव्य है कि वह देश की सामाजिक कुरीतियों, जैसे बाल-विवाह, दहेज-प्रथा, raha faare आदि का बहिष्कार करे। आज की नारियों को अधिक जागरूक रहना होगा और उन्हें हर तरह के अत्याचार और हिंसा का विरोध करना होगा।
![]()
प्रश्न 10.
अपने कक्षाध्यापक को कक्षा-कक्ष की साफ सफाई के लिए पत्र लिखिए। 1 × 4 = 4
उत्तर :
प्रधानाचार्य जी,
डी.ए.वी. सीनियर सकैण्डरी स्कूल
वसंत कुँज,
नई दिल्ली।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आठवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मेरी कक्षा में चार पंखे व तीन लाइटें लगी हैं, पंखों पर धूल की मोटी परत व लाइटें काली होती जा रही हैं, तीन बड़ी खिड़कियाँ चारों तरफ बड़े-बड़े जालों से घिरी हुई हैं। कक्षा में कूड़ा डालने वाला कूड़ादान टूट गया है जिसके कारण कूड़ा जमीन पर बिखर जाता है। समय पर सफाई कर्मचारी कक्षा की सफाई नहीं करते, कभी – कभी बिना सफाई के कक्षा में पढ़ाई का कार्यक्रम शुरू हो जाता है जिससे सभी विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि इन सब बातों को ध्यान में रखकर सफाई कर्मचारी पर सख्ती करते हुए इस पर कार्यवाही शुरू करें आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद सहित,
भवदीय,
राहुल जैन
कक्षा आठवीं ए
दिनांक : ……….
अथवा
” परिश्रम सफलता की कुंजी है”, इसके आधार पर परिश्रम के लाभ बताते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए।
उत्तर:
एस. “अ”
उत्तम नगर, दिल्ली।
दिनांक ………..
प्रिय रंजन,
शुभाशीर्वाद।
कल माता जी का पत्र मिला। इसे पढ़कर ज्ञात हुआ कि आजलक तुम्हारा मन पढ़ाई में न लगकर बुरे लड़कों की संगति में लगता है। यही कारण है कि प्रथम सत्र की परीक्षा में अनुत्तीर्ण भी हो गए हो। प्रिय भाई, परिश्रम सफलता की कुँजी है अगर तुम परीक्षा के दिनों में मन लगाकर पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ-साथ समय सारण भी तैयार कर लो, फिर तु परीक्षा में उत्तीर्ण होने के साथ-साथ समय व परिश्रम के महत्त्व को पूर्ण रूप से समझ सकोगे। आशा है तुम मुझे दोबारा शिकायत का अवसर नहीं दोगे।
माताजी को प्रणाम कहना।
तुम्हारी शुभचिंतिका।
वंदना वर्मा
प्रश्न 11.
बारहवीं कक्षा में विषय के चयन से संबंधित माँ व पुत्री के बीच संवाद लिखिए।
उत्तर:
माँ : बेटी, तुमने दसवीं कक्षा तो ‘ए’ ग्रेड में उत्तीर्ण कर ली। अब ग्यारहवीं कक्षा में कौन-कौन से विषय लेनी चाहती हो?
पुत्री : माँ, मैं विज्ञान वर्ग के विषय लेना चाहती हूँ। इसमें मुझे भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान-गणित तथा अंग्रेजी विषय लेने होंगे।
माँ : पुत्री ! सोच लो, विज्ञान के विषयों में परिश्रम बहुत करना पड़ता है।
पुत्री : हाँ माँ, मैं यह बात भली प्रकार जानती हूँ। मेरी रूचि डॉक्टर बनने में है।
माँ : जब डॉक्टर बनना है तो गणित के स्थान पर कम्प्यूटर विषय लो तो अधिक लाभ होगा।
पुत्री : आपका कथन सच है। डॉक्टर के लिए गणित से अधिक उपयोगी कम्प्यूटर विषय ही रहेगा।
माँ : बेटी, तुम्हें जीव विज्ञान में विशेष रूचि लेनी होगी, तभी तुम छम्म की परीक्षा उत्तीर्ण कर पाओगी।
पुत्री : माँ मुझे जीव विज्ञान में विशेष रूचि है। यह विषय प्रारंभ से ही मेरा प्रिय विषय रहा है।
माँ : तब ठीक है। तुम अपनी मर्जी के ही विषय चुन लो।